मौलाना यासूब अब्बास: तीसरे विश्व युद्ध की आशंका, अमेरिका का बढ़ता खतरा
सारांश
Key Takeaways
- मौलाना यासूब अब्बास ने अमेरिका के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।
- तीसरे विश्व युद्ध की संभावना को लेकर चिंता जताई गई है।
- अमेरिका-ईरान वार्ता में सहमति की कमी है।
- मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने अमेरिका के दावे को निराधार बताया।
- अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के लिए संवाद आवश्यक है।
लखनऊ, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास और मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
मौलाना यासूब अब्बास ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि वर्तमान हालात बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा, "तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात उत्पन्न होते दिखाई दे रहे हैं और अमेरिका पूरी दुनिया को विनाश के कगार पर ले जाने का प्रयास कर रहा है। अमेरिका अब चीन को भी खुली धमकी दे रहा है, और यदि यह सिलसिला जारी रहा, तो चीन भी प्रतिरोधी कार्रवाई कर सकता है।"
उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता को लेकर भी सवाल उठाए। मौलाना यासूब अब्बास के अनुसार, यह वार्ता पूरी तरह से विफल हो चुकी है, क्योंकि अमेरिका अपनी शर्तों पर समझौता चाहता था, जबकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह केवल अपनी शर्तों पर ही कोई सहमति बनाने को तैयार है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सहमति का होना अत्यंत कठिन है।
वहीं, मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता की विफलता पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस वार्ता के असफल होने से पूरे विश्व में निराशा की लहर फैली है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि अमेरिका का यह दावा कि उसने युद्ध जीत लिया है, पूरी तरह से आधारहीन है। उन्होंने कहा कि नाटो देशों ने भी अमेरिका का समर्थन नहीं किया, क्योंकि यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ और ईरान पर अवैध रूप से थोपा गया था।
उन्होंने आगे कहा कि अब जब अमेरिका चीन को भी चेतावनी दे रहा है, तो उसे ऐसे अवैध कदमों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि इससे वैश्विक व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न हो रहा है।