क्या अमेरिका की वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है?
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका की कार्रवाई ने वैश्विक स्तर पर आक्रोश पैदा किया है।
- विभिन्न देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
- वेनेजुएला के लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील की है।
- अमेरिका की कार्रवाई में कई लोगों की जान चली गई है।
- राजनीतिक स्थिति में अस्थिरता बढ़ सकती है।
नई दिल्ली, ४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका ने शनिवार को वेनेजुएला के खिलाफ जिस तरह से कदम उठाया और उसके नेता को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क लाया गया, उससे लोगों में गुस्सा भड़क गया है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, एक ऐसा वर्ग भी है जो ट्रंप प्रशासन के इस कदम का समर्थन कर रहा है।
लंदन में अमेरिकी दूतावास के बाहर लोगों ने वेनेजुएला पर अमेरिकी सेना की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, उन्होंने अमेरिकी साम्राज्यवाद की निंदा की।
ब्राज़ील के ब्रासीलिया में वेनेज़ुएला दूतावास के बाहर लोगों ने वेनेजुएला के समर्थन में खड़े होकर अपना समर्थन व्यक्त किया। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने क्यूबा की राजधानी हवाना में वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य हमले की निंदा करते हुए एक कार्यक्रम में भाषण दिया।
इक्वाडोर के क्विटो में लोग वेनेजुएला पर अमेरिका के हालिया हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही कई लोग अमेरिकी सैन्य हमले की निंदा करने वाले कार्यक्रम में शामिल हुए।
सैन साल्वाडोर में भी लोगों ने अमेरिकी हमले और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में अमेरिकी दूतावास के बाहर भी प्रदर्शन हुआ।
न्यूयॉर्क सिटी और जापान की राजधानी टोक्यो में भी लोगों ने इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने वेनेजुएला के समर्थन में नारे लगाए। काराकास में भी लोगों ने अमेरिकी हमलों के खिलाफ रैली निकाली।
चिली के सेंटियागो, इटली के नेपल्स और ग्रीस के एथेंस में भी लोगों ने अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। इसके अलावा, भारत की राजधानी नई दिल्ली में भी लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
ज्ञात हो कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने शनिवार को कहा कि निकोलस मादुरो दक्षिणी अमेरिकी देश के एकमात्र राष्ट्रपति हैं। रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला कभी भी किसी देश की कॉलोनी नहीं बनेगा।
गृह, विदेश मामलों के मंत्रियों और अन्य अधिकारियों के साथ, रोड्रिगेज ने मांग की है कि अमेरिका मादुरो और उनकी पत्नी को रिहा करे। इसके साथ ही उन्होंने वेनेजुएला के लोगों से शांति बनाए रखने, एकजुट होकर चुनौतियों का सामना करने और देश की आजादी की रक्षा करने की अपील की। रोड्रिगेज ने यह भी कहा कि वेनेजुएला अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए तैयार है और कभी किसी देश की कॉलोनी या किसी साम्राज्य का गुलाम नहीं बनेगा।
अमेरिका की ओर से की गई इस कार्रवाई में अब तक ४० लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें वेनेजुएला के आम नागरिक भी शामिल हैं।