दिल्ली-एनसीआर में मौसम के मिजाज में बदलाव, बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में

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दिल्ली-एनसीआर में मौसम के मिजाज में बदलाव, बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में

सारांश

फरवरी के आखिरी हफ्ते में, दिल्ली-एनसीआर का मौसम बदल गया है। पहाड़ियों पर बर्फबारी का प्रभाव मैदानी इलाकों में तापमान में वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है। अगले दिनों में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे हल्की ठंड बनी रहेगी।

मुख्य बातें

दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने करवट ली है।
बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ा रहा है।
अगले दो दिनों में तेज हवाएं चलने की संभावना है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक 'खराब' से 'बेहद खराब' श्रेणी में है।
प्रदूषण के स्तर में सुधार की उम्मीद नहीं है।

नोएडा, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। फरवरी के अंतिम सप्ताह में, दिल्ली-एनसीआर का मौसम एक बार फिर बदल गया है। उत्तर-पश्चिमी भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का प्रभाव अब मैदानी इलाकों में भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप तापमान में वृद्धि हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में तेज हवाओं का चलना संभव है, जिसके कारण सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास बना रहेगा।

मंगलवार सुबह के अपडेट के अनुसार, २४ फरवरी को शहर का मौसम साफ रहेगा और सुबह के समय हल्का कोहरा या मिस्ट छाया रहेगा। अधिकतम तापमान ३० और न्यूनतम १३ डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। हवा में नमी का स्तर ४० से ९५ प्रतिशत के बीच रहेगा। अगले दो दिनों के मौसम पूर्वानुमान में तेज हवाओं की संभावना जताई गई है, जिससे २५ और २६ फरवरी को तापमान में हल्की वृद्धि संभव है, जहां अधिकतम तापमान ३० से ३१ और न्यूनतम १३ से १४ डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

हालांकि, सुबह के समय हल्की ठंड और तेज हवाएं लोगों को राहत प्रदान करेंगी, लेकिन किसी भी प्रकार का मौसम अलर्ट फिलहाल नहीं है। मौसम के इस बदले मिजाज के दौरान, दिल्ली-एनसीआर के कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के कई क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता 'खराब' से 'बेहद खराब' श्रेणी में दर्ज की गई है।

सबसे अधिक प्रदूषण आनंद विहार में देखा गया, जहां एक्यूआई ३३१ रहा। इसके अतिरिक्त, बवाना में २४८, आशोक विहार में २५२, अलीपुर में २४६ और बुराड़ी क्रॉसिंग पर २४२ एक्यूआई दर्ज किया गया। वहीं, आया नगर में १८०, करनी सिंह शूटिंग रेंज में १९६ और डीटीयू में २२१ एक्यूआई दर्ज किया गया। नोएडा में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। सेक्टर-१२५ में एक्यूआई २९० दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-६२ में यह २३३ और सेक्टर-११६ में २५२ रहा।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एक्यूआई २७३, लोनी में २९०, वसुंधरा में २७८ और संजय नगर में १८३ दर्ज किया गया। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं से प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन अगले कुछ दिनों में स्थिति में बड़े सुधार की उम्मीद फिलहाल नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दिल्ली-एनसीआर के नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए। पहाड़ियों पर बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में महसूस हो रहा है, जिसके कारण तापमान में वृद्धि हो रही है। हालांकि, मौसम के इस बदलाव से प्रदूषण के स्तर में भी उतार-चढ़ाव आया है, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या दिल्ली-एनसीआर में मौसम में बदलाव का असर स्वास्थ्य पर पड़ेगा?
जी हां, हवा की गुणवत्ता में गिरावट और तापमान में परिवर्तन स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकता है।
कब तक तेज हवाएं चलने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक तेज हवाएं चलने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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