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क्या अमित शाह ने जम्मू के तवी पुल और बिक्रम चौक पर बाढ़ के नुकसान का जायजा लिया?

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क्या अमित शाह ने जम्मू के तवी पुल और बिक्रम चौक पर बाढ़ के नुकसान का जायजा लिया?

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू में तवी पुल और बिक्रम चौक का दौरा कर बाढ़ के प्रभाव का गहन आकलन किया। उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ मिलकर उन्होंने स्थिति का जायजा लिया। क्या यह दौरा बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा?

मुख्य बातें

अमित शाह ने जम्मू में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
तवी पुल को बाढ़ ने गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
केंद्र सरकार ने राहत कार्यों के लिए केंद्रीय टीमें गठित की हैं।
बाढ़ के प्रभाव का आकलन करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मौजूद थी।
सरकार प्रभावित राज्यों के साथ मिलकर राहत कार्य कर रही है।

जम्मू, 1 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को बाढ़ के प्रभाव का आकलन करने के लिए जम्मू शहर में तवी पुल और बिक्रम चौक का दौरा किया। इससे पहले, उन्होंने अन्य स्थानों पर हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण किया।

तवी पुल और बिक्रम चौक पर बाढ़ के प्रभाव का आकलन करते समय अमित शाह के साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, विपक्ष के नेता सुनील शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

हाल ही में आई बाढ़ के दौरान तवी पुल को गंभीर नुकसान पहुंचा। गृह मंत्री शाह ने संबंधित अधिकारियों से वार्तालाप किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बिक्रम चौक और अन्य आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति के प्रभाव का भी आकलन किया।

अमित शाह रविवार शाम जम्मू पहुंचे, जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सीएम उमर अब्दुल्ला ने जम्मू हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक तपन डेका, बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी, एनएचएआई, आईएमडी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी रविवार को जम्मू पहुंचे।

केंद्रीय गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में हाल की बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें गठित करने की घोषणा की है।

गृह मंत्री शाह पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ और सीमा चौकियों को हुए नुकसान की भी समीक्षा करेंगे।

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह प्रभावित राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में है और एनडीआरएफ, सेना तथा वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की टीमें तैनात कर खोज, बचाव और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने में मदद कर रही है।

मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लोगों की परेशानियों को कम करने में जुटी है।

आईएमसीटी टीमें मौके पर स्थिति और राहत कार्यों का आकलन करेंगी। अमित शाह जम्मू में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने और कुछ प्रभावित परिवारों से मिलने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि अमित शाह का दौरा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास के लिए एक सकारात्मक कदम है। यह सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता को दर्शाता है, लेकिन हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए ठोस योजनाएं बनें।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह का जम्मू दौरा कब हुआ?
अमित शाह का जम्मू दौरा 1 सितंबर को हुआ।
बाढ़ से तवी पुल को कितना नुकसान हुआ?
तवी पुल को बाढ़ के दौरान गंभीर नुकसान पहुंचा।
कौन-कौन से अधिकारी अमित शाह के साथ थे?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और विपक्ष के नेता सुनील शर्मा उनके साथ थे।
केंद्र सरकार ने बाढ़ के नुकसान का आकलन कैसे किया?
केंद्र सरकार ने अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें गठित की हैं।
गृह मंत्रालय ने बाढ़ राहत के लिए क्या कदम उठाए?
गृह मंत्रालय ने एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों को राहत कार्यों में तैनात किया है।
राष्ट्र प्रेस
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