अमृतसर कांग्रेस कलह: महिला नेता शिवानी शर्मा का जिलाध्यक्ष सौरभ मदान मिट्ठू पर बदसलूकी और जान से मारने की धमकी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर में पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर आ गई है। अमृतसर महिला कांग्रेस की पूर्व जिला प्रधान और वर्तमान पीपीसीसी डेलीगेट शिवानी शर्मा ने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सौरभ मदान मिट्ठू पर घर में घुसकर बदसलूकी, मारपीट, संपत्ति को नुकसान और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। 4 अक्टूबर 2026 को शिवानी शर्मा ने इस संबंध में स्थानीय पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है।
क्या है पूरा घटनाक्रम
शिवानी शर्मा के अनुसार, रविवार की सुबह सौरभ मदान मिट्ठू अचानक उनके घर पहुँचे। उनकी बेटी ने उन्हें बाहर आने की सूचना दी। जब शिवानी ने उन्हें अंदर बैठने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया। कुछ देर बाद जब उनके पति नीचे उतरे तो दोनों के बीच तेज आवाज में बहस शुरू हो गई।
शिवानी शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा, 'मुझे खुद समझ नहीं आ रहा था कि वह क्यों इस तरह से बोल रहा है। उसने गालियाँ निकालीं, मेरे चरित्र पर उँगली उठाई। उसने अंदर आकर मुझे धक्का मारा। गमले तोड़ दिए। कह रहा था कि मैं बंदे इकट्ठे कर लूँगा।' उन्होंने यह भी बताया कि सौरभ मदान मिट्ठू का गनमैन भी उस दौरान मौजूद था और वह अत्यंत आक्रामक रवैये में था।
पुरानी रंजिश की जड़ें
शिवानी शर्मा के अनुसार, सौरभ मदान मिट्ठू से उनका मतभेद कोई नया नहीं है। इसी विवाद के चलते उन्होंने पहले महिला कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा, 'पहले हमारे बीच परिवार जैसा मजबूत रिश्ता था, लेकिन अब मैं किसी के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती।'
उनका आरोप है कि जब सौरभ मदान मिट्ठू खुद जिलाध्यक्ष बने तो उन्हें लगा कि सभी को उनके अधीन काम करना चाहिए। शिवानी ने कहा, 'वह किसी की तरक्की बर्दाश्त नहीं कर पाते थे। वह कहता था कि जहाँ मैं जाऊँगा, वहीं आप जाओगे। जिन नेताओं से उसकी नहीं बनती, वहाँ भी आप नहीं जाओगे।'
पुलिस जेब में होने का दावा और महिला अधिकार की बात
शिवानी शर्मा ने एक गंभीर आरोप यह भी लगाया कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाने की बात कही, तो सौरभ मदान मिट्ठू ने कथित तौर पर कहा कि 'पुलिस उसकी जेब में है।' यह आरोप — यदि सिद्ध होता है — तो न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि राजनीतिक प्रभाव के दुरुपयोग का भी गंभीर मामला बनता है।
शिवानी ने कहा, 'अगर मैं आज चुप रही, तो कल किसी और महिला के हक के लिए आवाज नहीं उठा पाऊँगी।' उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी इस घटना की जानकारी दे दी है।
पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब कांग्रेस पहले से ही संगठनात्मक कमज़ोरी और गुटों में बँटे नेतृत्व से जूझ रही है। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बड़ी हार के बाद पार्टी के ज़िला स्तर पर आपसी खींचतान की घटनाएँ लगातार सामने आती रही हैं। इस मामले में सौरभ मदान मिट्ठू की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आने वाले दिनों में पुलिस जाँच की दिशा और पार्टी हाईकमान की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह मामला केवल स्थानीय विवाद तक सीमित रहेगा या पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती बनेगा।