15 अक्टूबर 2026
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अंकिता भंडारी के पिता का 24 घंटे का अल्टीमेटम, कांग्रेस बोली — न्याय दिलाकर रहेंगे

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अंकिता भंडारी के पिता का 24 घंटे का अल्टीमेटम, कांग्रेस बोली — न्याय दिलाकर रहेंगे

सारांश

चार साल बाद भी न्याय की आस लिए बैठे अंकिता भंडारी के पिता ने अब सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है। दिल्ली पुलिस द्वारा माता-पिता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की रिहाई के बाद भी असंतोष कम नहीं हुआ — परिवार की माँग है सीबीआई जांच और राष्ट्रपति से मुलाकात।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को अंकिता भंडारी के माता-पिता और सभी हिरासत में लिए गए कांग्रेस प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया।
अंकिता के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया, देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।
परिवार की प्रमुख मांग — सीबीआई जांच और राष्ट्रपति से मुलाकात।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा , इमरान प्रतापगढ़ी और नेता सुप्रिया श्रीनेत ने दिल्ली पुलिस की कार्यवाही पर कड़ी आपत्ति जताई।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया।
मामला 2022 से लंबित है; आरोपी कथित तौर पर सीबीआई की जांच के दायरे में बताया जा रहा है।

अंकिता भंडारी के माता-पिता और हिरासत में लिए गए सभी कांग्रेस प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को रिहा कर दिया। रिहाई के बाद अंकिता के माता-पिता एक रिश्तेदार के घर चले गए हैं। इस बीच, अंकिता के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

पिता का अल्टीमेटम और आंदोलन की चेतावनी

अंकिता के पिता ने कहा, 'हम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं। देश भर में, हर राज्य में लोग अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आएंगे।' उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को अधूरा न्याय मिला है क्योंकि इस मामले में एक वीआईपी का नाम सामने आया था। उनके अनुसार, उस वीआईपी को बचाने के लिए एसआईटी और सरकार ने जानबूझकर ऐसा किया है।

उन्होंने स्पष्ट किया, 'जब तक सीबीआई की जांच नहीं होती तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। अगर न्याय नहीं मिला तो जनता सड़कों पर उतरेगी।' यह मामला चार वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा में है, और परिजनों की माँग रही है कि राष्ट्रपति से मुलाकात कराई जाए।

कांग्रेस सांसदों की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, 'जिस पर दुष्कर्म का आरोप है, उसे बचाया जा रहा है। जो दुष्कर्म का शिकार होता है और पीड़िता के समर्थन में खड़ा होता है, उसको थाने भेज दिया जाता है।' उन्होंने इसे देश की राजधानी दिल्ली की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बताया। खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पीड़िता के परिजनों को सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी है।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी कल अंकिता भंडारी के साथ खड़ी थी, आज भी खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी। हमें हिरासत में लेकर इस लड़ाई को खत्म नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में जेल भेजकर आप क्रांति की आवाज को दबा नहीं सकते।'

हिरासत और दिल्ली पुलिस पर सवाल

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने दिल्ली पुलिस की कार्यवाही पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'जो लोग पिछले चार वर्षों से न्याय की मांग कर रहे थे, उन्हें न्याय देने के बजाय आरोपी को बचाया जा रहा है। कायरों की तरह आकर वे सुबह 6 बजे से पहले ही लड़कियों को यहां से घसीट कर ले जा रहे हैं।' उन्होंने दिल्ली पुलिस की इस कार्यशैली पर कड़ी आपत्ति जताई।

सीबीआई जांच की मांग और आगे का रास्ता

कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि यह मामला अंकिता के माता-पिता और उनकी इच्छाओं से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि परिजनों की मांग साफ है — वे राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं। सप्पल ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति पर आरोप लगे हैं, वह भंडारी हत्याकांड के सिलसिले में कथित तौर पर सीबीआई की जांच के दायरे में है।

गौरतलब है कि यह मामला 2022 में सामने आया था और चार वर्ष बाद भी पीड़ित परिवार न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। परिजनों की सीबीआई जांच की मांग पूरी न होने पर देशव्यापी आंदोलन की आशंका गहरा गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उस व्यवस्थागत विफलता का प्रतीक बन चुका है जहाँ 'वीआईपी संरक्षण' की आशंका न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है। चार साल बाद भी जब पीड़ित परिवार सड़क पर है और सीबीआई जांच की माँग अनसुनी है, तो यह एसआईटी की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की भोर में हिरासत — जिसमें पीड़िता के माता-पिता भी शामिल थे — राजनीतिक संवेदनशीलता की घोर कमी को दर्शाती है। मुख्यधारा की कवरेज पार्टी-राजनीति पर टिकी है, जबकि असली सवाल यह है कि क्या जांच एजेंसियाँ उस वीआईपी कनेक्शन की स्वतंत्र और पारदर्शी जाँच करने में सक्षम हैं जिसका आरोप चार साल से लगाया जा रहा है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंकिता भंडारी के पिता ने किसे और क्यों अल्टीमेटम दिया है?
अंकिता भंडारी के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनकी मांग है कि मामले की सीबीआई जांच हो, क्योंकि उनके अनुसार एक वीआईपी को बचाने के लिए एसआईटी और सरकार ने जानबूझकर अधूरा न्याय दिया है।
दिल्ली पुलिस ने किन-किन लोगों को हिरासत में लिया था और कब रिहा किया?
दिल्ली पुलिस ने अंकिता भंडारी के माता-पिता और बड़ी संख्या में कांग्रेस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। 15 अक्टूबर 2026 को सभी को रिहा कर दिया गया, जिसके बाद अंकिता के माता-पिता एक रिश्तेदार के घर चले गए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग क्यों है?
परिवार और कांग्रेस का आरोप है कि मामले में एक वीआईपी का नाम जुड़ा है और उसे बचाने के लिए एसआईटी जांच को दिशाहीन किया गया। इसीलिए निष्पक्षता के लिए सीबीआई जांच की माँग 2022 से लगातार उठाई जा रही है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की इस मामले में क्या भूमिका रही?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि पूरी पार्टी न्याय दिलाने तक उनके साथ खड़ी रहेगी।
अंकिता भंडारी का मामला क्या है और यह कब से चल रहा है?
अंकिता भंडारी हत्याकांड 2022 में सामने आया था। चार वर्षों से पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है। मामले में एक आरोपी कथित तौर पर सीबीआई की जांच के दायरे में बताया जा रहा है, लेकिन परिवार का आरोप है कि वीआईपी संरक्षण के चलते जांच अधूरी रही है।
राष्ट्र प्रेस
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