APJ Abdul Kalam जयंती 2026: गडकरी, योगी, धामी समेत देशभर के नेताओं ने 'मिसाइल मैन' को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
भारत के 'मिसाइल मैन' और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर 15 अक्टूबर 2026 को देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक, राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें विज्ञान, रक्षा और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले महापुरुष के रूप में याद किया।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'देश के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। सादगी और आदर्शों से भरा परिपूर्ण जीवन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी की पहचान थी। वो ज्ञान और कर्मठता के प्रतीक थे। भारत को सामर्थ्यशाली बनाने के लिए उन्होंने अपने जीवन का हर पल दिया। उनके विचार पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।'
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'रक्षा व अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ ही राष्ट्र को परमाणु शक्ति संपन्न बनाने में आपका योगदान अभूतपूर्व है। आपके अमूल्य विचार और आदर्श जीवन युवा पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण व विकसित भारत के संकल्प के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।'
केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'महान वैज्ञानिक, मिसाइल मैन, पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर कोटिशः नमन। राष्ट्र उत्थान के लिए समर्पित आपका जीवन हम सभी को शिक्षित, सशक्त, समर्थ और गौरवशाली भारत के निर्माण में हरसंभव योगदान के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।'
मुख्यमंत्रियों का नमन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. कलाम को 'समर्थ भारत' का स्वप्नद्रष्टा बताया। उन्होंने कहा, 'आपने अपने अद्भुत ज्ञान से भारत की सामरिक शक्ति को नई ऊंचाइयाँ प्रदान कीं और देश की रक्षा प्रणाली को अभेद्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आपका आदर्श जीवन देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।'
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि डॉ. कलाम ने विज्ञान को राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाया और युवाओं में बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास जगाया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि देश को परमाणु शक्ति संपन्न एवं रक्षा अनुसंधान में आत्मनिर्भर बनाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डॉ. कलाम का संपूर्ण जीवन कठिन परिश्रम, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें सादगी, समर्पण और राष्ट्रसेवा की अद्भुत मिसाल बताया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण, विज्ञान एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान और विकसित भारत का स्वप्न सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
पार्टी नेताओं की भावभीनी प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने डॉ. कलाम के देश के प्रति समर्पण और उनके विचारों को आगे बढ़ने की राह दिखाने वाला बताया। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि रक्षा व अंतरिक्ष विज्ञान में उनका योगदान अविस्मरणीय है और उनके विचार सदैव देशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
डॉ. कलाम की विरासत
गौरतलब है कि डॉ. अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे और उन्हें देश के मिसाइल कार्यक्रम — विशेष रूप से अग्नि और पृथ्वी मिसाइलों के विकास में — अग्रणी भूमिका निभाने के लिए 'मिसाइल मैन' की उपाधि मिली। उन्हें भारत रत्न सहित देश के सर्वोच्च सम्मानों से नवाज़ा गया था। उनके विचार, विशेषकर युवाओं के प्रति, आज भी भारतीय समाज में गहरी प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा और अंतरिक्ष क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में जुटा है — ठीक वह सपना जो डॉ. कलाम ने दशकों पहले देखा था। उनकी जयंती पर देशव्यापी श्रद्धांजलि यह दर्शाती है कि उनकी विरासत राजनीतिक सीमाओं से परे, राष्ट्रीय चेतना में जीवित है।