13 जुलाई 2026
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लोंगडिंग में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 52 ग्राम हेरोइन, 460 ग्राम अफीम और ₹5.93 लाख नकद बरामद, 5 गिरफ्तार

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लोंगडिंग में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 52 ग्राम हेरोइन, 460 ग्राम अफीम और ₹5.93 लाख नकद बरामद, 5 गिरफ्तार

सारांश

अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में तिस्सा पुलिस ने 52 ग्राम हेरोइन, 460 ग्राम अफीम और ₹5.93 लाख नकद बरामद कर पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया। फॉरेंसिक जाँच और नेटवर्क की छानबीन जारी है।

मुख्य बातें

लोंगडिंग जिले की तिस्सा पुलिस ने 28 मई 2026 को विशेष छापेमारी अभियान चलाया।
बरामदगी में 52 ग्राम संदिग्ध हेरोइन , 460 ग्राम अफीम और ₹5.93 लाख नकद शामिल।
छापेमारी में पाँच आरोपी गिरफ्तार; कथित तौर पर तस्करी और वितरण नेटवर्क से जुड़े।
बरामद नशीले पदार्थ फॉरेंसिक प्रयोगशाला को भेजे जाएँगे; नकदी के स्रोत की जाँच अलग से जारी।
पुलिस ने पूरे तस्करी नेटवर्क की जाँच जारी रखने और जनता से सूचना देने की अपील की।

अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 28 मई 2026 को बड़ी सफलता हासिल की। तिस्सा पुलिस स्टेशन की टीम ने विशेष छापेमारी में 52 ग्राम संदिग्ध हेरोइन, 460 ग्राम अफीम और ₹5.93 लाख नकद जब्त किए तथा पाँच आरोपियों को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई इलाके में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के व्यापक अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।

मुख्य बरामदगी और गिरफ्तारियाँ

पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान जब्त किए गए नशीले पदार्थों में 52 ग्राम संदिग्ध हेरोइन और 460 ग्राम अफीम शामिल हैं। इसके साथ ही ₹5.93 लाख नकद राशि भी बरामद की गई है, जिसके स्रोत की जाँच अलग से की जा रही है। गिरफ्तार किए गए पाँचों आरोपी कथित तौर पर नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त और वितरण नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

जाँच की स्थिति

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बरामद नशीले पदार्थों को पुष्टि के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा, ताकि उनकी प्रकृति और गुणवत्ता की आधिकारिक जाँच हो सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे तस्करी नेटवर्क की जाँच अभी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह का दायरा कितना बड़ा है तथा इसमें और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्थानीय प्रशासन ने इस कार्रवाई को क्षेत्र में नशे के कारोबार के खिलाफ एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। लोंगडिंग जिला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सके।

क्या होगा आगे

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जाँच एजेंसियाँ तस्करी नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत के सीमावर्ती जिलों में नशीले पदार्थों की तस्करी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार सक्रिय हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ म्यांमार सीमा से लगे इलाके दशकों से तस्करी के गलियारे बने हुए हैं। पाँच गिरफ्तारियाँ एक संकेत हैं, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या जाँच एजेंसियाँ आपूर्ति श्रृंखला के ऊपरी सिरे तक पहुँच पाती हैं। नकदी की बरामदगी यह भी संकेत देती है कि यह केवल स्थानीय खपत नहीं, बल्कि संगठित वितरण का मामला हो सकता है — जिसकी पुष्टि फॉरेंसिक और वित्तीय जाँच के बाद ही होगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोंगडिंग ड्रग्स बरामदगी मामले में क्या हुआ?
अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में तिस्सा पुलिस स्टेशन की टीम ने 28 मई 2026 को छापेमारी में 52 ग्राम संदिग्ध हेरोइन, 460 ग्राम अफीम और ₹5.93 लाख नकद बरामद किए तथा पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों पर क्या आरोप हैं?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, सभी पाँचों आरोपी कथित तौर पर नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त और वितरण नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे नेटवर्क की जाँच अभी जारी है।
बरामद नशीले पदार्थों की जाँच कैसे होगी?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब्त हेरोइन और अफीम को फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहाँ उनकी प्रकृति और गुणवत्ता की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। साथ ही बरामद नकदी के स्रोत की भी अलग से जाँच की जा रही है।
यह कार्रवाई किस बड़े अभियान का हिस्सा है?
यह छापेमारी लोंगडिंग जिले में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने इसे क्षेत्र में नशे के खिलाफ एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
पूर्वोत्तर भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी इतनी बड़ी समस्या क्यों है?
अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्य म्यांमार की सीमा से लगे होने के कारण तस्करी के संवेदनशील गलियारे माने जाते हैं। सीमावर्ती जिलों में भौगोलिक दुर्गमता और सीमित निगरानी के कारण नशीले पदार्थों का अवैध प्रवाह एक दीर्घकालिक चुनौती बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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