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बिहार में अशोक चौधरी का भावुक पल: नीतीश कुमार की शॉर्ट फिल्म के विमोचन पर

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बिहार में अशोक चौधरी का भावुक पल: नीतीश कुमार की शॉर्ट फिल्म के विमोचन पर

सारांश

बिहार में जदयू के एक कार्यक्रम में अशोक चौधरी ने नीतीश कुमार के बारे में बोलते हुए भावुकता का अनुभव किया। इस घटना ने उनके गहरे रिश्तों को उजागर किया। जानें इस दिल को छू लेने वाले क्षण के बारे में।

मुख्य बातें

अशोक चौधरी की भावुकता राजनीतिक रिश्तों को दर्शाती है।
शॉर्ट फिल्म 'मेरा नेता, मेरा अभिमान' का विमोचन हुआ।
नीतीश कुमार के शासन के योगदान को उजागर किया गया।
भावुक क्षण ने पार्टी के भीतर व्यक्तिगत संबंधों को भी दर्शाया।
आगे बढ़ते हुए, नीतीश कुमार का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा।

पटना, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में जदयू के एक कार्यक्रम के दौरान एक भावुक क्षण देखने को मिला, जब वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में चर्चा करते हुए आंखों में आंसू लेकर भावुक हो गए।

यह स्थिति और भी भावनात्मक हो गई, जब नीतीश कुमार के बेटे, निशांत कुमार, उन्हें सांत्वना देने के लिए आगे आए।

इस अवसर पर 'मेरा नेता, मेरा अभिमान' नामक एक शॉर्ट फिल्म का विमोचन किया गया, जिसे जदयू के कार्यालय में निशांत कुमार ने लॉन्च किया।

यह फिल्म, एक विशेष गाने के साथ, पिछले दो दशकों में नीतीश कुमार के शासन और उनके विकास कार्यों को प्रदर्शित करती है।

कार्यक्रम में बोलते हुए, अशोक चौधरी ने नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक सफर और बिहार के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में बात की।

जैसे ही उन्होंने नीतीश कुमार का नाम लिया, वे स्पष्ट रूप से भावुक हो गए और रो पड़े; उन्हें अपनी बात जारी रखने में कठिनाई होने लगी।

यह भावुक दृश्य पार्टी के अंदर गहरे व्यक्तिगत और राजनीतिक रिश्ते को उजागर करता है।

फिल्म के विमोचन के बाद, माहौल गंभीर हो गया, क्योंकि चौधरी खुलकर रो रहे थे

निशांत कुमार ने उनके कंधे पर सहानुभूतिपूर्ण हाथ रखा और उन्हें हिम्मत दी, जबकि वहां उपस्थित लोग चुपचाप यह सब देख रहे थे।

खुद को संभालते हुए, अशोक चौधरी ने कहा, "नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है। हालाँकि वे अब इस पद से अवकाश ले रहे हैं, उनके साथ काम करना एक अनोखा अनुभव रहा है। हर व्यक्ति का काम करने का अपना एक विशेष तरीका होता है, और उनका तरीका सचमुच अद्वितीय था।"

उन्होंने आगे कहा कि यह परिवर्तन अचानक आया, जिससे बहुत से लोगों को इसे पूरी तरह से समझने का समय ही नहीं मिला।

उन्होंने कहा, "हमें आशा थी कि वे अगले पांच वर्षों तक कार्य करेंगे और बिहार के लिए जो सपने उन्होंने देखे थे, उन्हें पूरा करेंगे। उनके लिए, वे सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि एक अभिभावक के समान थे।"

चौधरी ने अपनी बात समाप्त करते हुए यह विश्वास व्यक्त किया कि नीतीश कुमार के इस पद से हटने के बाद भी, उनका मार्गदर्शन बिहार की राजनीतिक और विकास दिशा को निर्धारित करेगा।

इस कार्यक्रम में दिखाई दे रहे भावुक दृश्य नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल के गहरे प्रभाव को दर्शाते हैं; यह न केवल एक राजनीतिक परिवर्तन का संकेत है, बल्कि उनके पार्टी के कई सदस्यों के लिए यह एक बेहद निजी और भावुक क्षण भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार की राजनीति में उनके योगदान को भी रेखांकित करती है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किस फिल्म का विमोचन हुआ?
'मेरा नेता, मेरा अभिमान' नामक शॉर्ट फिल्म का विमोचन हुआ।
अशोक चौधरी ने भावुकता के चलते क्या कहा?
उन्होंने नीतीश कुमार के योगदान को अद्वितीय बताया और उनके मार्गदर्शन की महत्ता को स्वीकार किया।
कार्यक्रम में कौन उपस्थित थे?
कार्यक्रम में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और अन्य पार्टी नेता उपस्थित थे।
फिल्म में क्या दिखाया गया है?
फिल्म में नीतीश कुमार के शासन और विकास कार्यों को दर्शाया गया है।
क्या अशोक चौधरी ने रोते हुए कुछ कहा?
हाँ, उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए रोने की बात कही।
राष्ट्र प्रेस
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