आईपीएल 2026 में अशोक शर्मा का जलवा: भाई के बलिदान से लेकर कोरोना के संकट तक
सारांश
Key Takeaways
- अशोक शर्मा ने अपने संघर्ष के बाद आईपीएल 2026 में अपनी पहचान बनाई है।
- भाई अक्षय की कुर्बानी ने अशोक को प्रेरित किया।
- कोरोना संकट के बावजूद अशोक ने मेहनत जारी रखी।
- गुजरात टाइटंस ने 90 लाख में अशोक को खरीदा।
- अशोक ने तेज गेंदबाजी में अपनी अलग पहचान बनाई है।
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एक छोटे से लड़के ने गेंद को तेजी से फेंकने का प्रयास केवल इसलिए किया था ताकि वह अपने बड़े भाई से प्रतिशोध ले सके। यह प्रतिशोध की चाह धीरे-धीरे एक जुनून में बदल गई। घर के आंगन से शुरू हुआ यह सफर अब आईपीएल 2026 के मंच पर पहुंच चुका है। इस गेंदबाज का नाम है अशोक शर्मा, जो 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर सुर्खियों में हैं।
अशोक की गेंदबाजी में शुरुआत से ही रफ्तार थी, जिसने बल्लेबाजों को धड़कनें बढ़ा दी थीं। स्कूल में जब अशोक गेंदबाजी करते थे, तो बल्लेबाज अपने विकेट को बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपने शरीर को सुरक्षित रखने में लगे रहते थे।
अशोक ने स्कूल में क्रिकेट खेलते वक्त कई बल्लेबाजों को घायल किया। जयपुर के पास स्थित पारपुरा गांव में जन्मे अशोक को मानो तेज गेंदबाजी का उपहार मिला था। लेकिन क्रिकेटर बनने का सपना उन्होंने कई संघर्षों से देखा। अशोक और उनके बड़े भाई अक्षय दोनों ही क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन परिवार की स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि दोनों के करियर को एक साथ आगे बढ़ाया जा सके।
अशोक के पिता नाथूलाल शर्मा खेतों में काम करने के साथ-साथ ड्राइवर का काम भी करते थे। उनकी आमदनी इतनी थी कि परिवार का गुजारा हो सके। परिवार चाहता था कि अशोक पढ़ाई पूरी करे और सरकारी नौकरी करे। लेकिन दोनों भाइयों की जिद के आगे पिता को झुकना पड़ा, हालांकि एक शर्त रखी गई। यह शर्त थी कि अशोक और अक्षय में से केवल एक ही क्रिकेट की दुनिया में कदम रखेगा, जबकि दूसरा नौकरी करेगा।
अक्षय ने छोटे भाई के लिए बलिदान देने का निर्णय लिया। उन्होंने अशोक को क्रिकेटर बनाने के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ दी और काम करने लगे। अशोक ने भी अपने भाई की कुर्बानी का सम्मान किया और खुद को निखारने के लिए कड़ी मेहनत की।
जयपुर की अरावली क्रिकेट एकेडमी में अशोक का नामांकन हुआ, जहां वह पूर्व स्पिन गेंदबाज विवेक यादव की देखरेख में क्रिकेट की बारीकियां सीखने लगे। गांव से एकेडमी की दूरियों को देखते हुए अशोक हॉस्टल में शिफ्ट हो गए। उनकी मेहनत जारी रही और उन्होंने सफलता की सीढ़ियां चढ़ना शुरू कर दिया। 2019 में अशोक को राजस्थान की अंडर-19 टीम में जगह मिली।
हालांकि, अशोक के करियर में अचानक ठहराव आ गया जब कोरोना महामारी के कारण क्रिकेट पूरी तरह बंद हो गया। इसी मुश्किल समय में उनके कोच विवेक यादव का निधन हो गया, जिससे अशोक बुरी तरह टूट गए। लेकिन उन्होंने अपना हौसला बनाए रखा और मेहनत जारी रखी। साल 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने अशोक को 55 लाख में खरीदा। हालांकि, उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2025 में राजस्थान रॉयल्स ने भी उन पर भरोसा जताया और 30 लाख खर्च कर अशोक को टीम में शामिल किया। इसी साल अशोक ने घरेलू क्रिकेट में अपना डेब्यू किया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 4 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 14 विकेट चटकाए, जबकि लिस्ट-ए क्रिकेट में 7 मुकाबलों में 13 विकेट निकाले।
अशोक की रफ्तार और बेहतरीन लाइन एंड लेंथ ने आईपीएल 2026 के ऑक्शन में गुजरात टाइटंस का ध्यान खींचा, जिसने उन्हें 90 लाख की बोली लगाकर टीम में शामिल किया। आशीष नेहरा की देखरेख में आकर अशोक और निखर गए। इस बार आईपीएल 2026 में उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। शुरुआती मुकाबलों में ही अशोक ने अपनी रफ्तार से यह साबित कर दिया कि वह इस मौके का कितनी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अशोक ने 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी, जिससे सबका ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ। अशोक न केवल तेज गेंदबाजी करते हैं, बल्कि सटीक लाइन पर गेंदबाजी करना भी जानते हैं। उम्मीद है कि आशीष नेहरा की देखरेख में 23 वर्षीय यह तेज गेंदबाज और भी निखरेंगे और न केवल आईपीएल, बल्कि विश्व क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ेंगे।