एशियन गेम्स महिला वॉलीबॉल: चीन ने जापान को 3-0 से रौंदा, रिकॉर्ड 10वाँ गोल्ड मेडल जीता
सारांश
मुख्य बातें
चीनी महिला वॉलीबॉल टीम ने 22 सितंबर 2026 को नागोया में खेले गए एशियन गेम्स फाइनल में जापान को 3-0 से परास्त करते हुए प्रतियोगिता के इतिहास में अपना 10वाँ स्वर्ण पदक जीता — एक ऐसा रिकॉर्ड जो एशियाई वॉलीबॉल में किसी भी अन्य देश के लिए अब तक अप्राप्य रहा है। वहीं, थाईलैंड ने कांस्य पदक मुकाबले में साउथ कोरिया को 4-0 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।
मैच का घटनाक्रम
पहले सेट में दोनों टीमों के बीच शुरुआती प्रतिस्पर्धा कड़ी रही, लेकिन सेट के मध्य में चीन ने धीरे-धीरे बढ़त बनाते हुए 25-19 से जीत दर्ज की। दूसरे सेट में भी चीन ने पूरे खेल में सँभली हुई बढ़त बरकरार रखी — दोनों टीमों ने कई लंबी रैलियाँ खेलीं, पर अंततः चीन ने 25-20 से सेट अपने नाम किया।
तीसरा सेट सबसे नाटकीय रहा। जापान ने आक्रामक शुरुआत करते हुए 7-1 की बढ़त बना ली, जिससे चीन को टाइम-आउट लेना पड़ा। इसके बाद चीन ने अपनी सर्विसिंग और ब्लॉकिंग की ताकत का भरपूर उपयोग करते हुए स्कोर 19-19 से बराबर कर लिया। चार बार ड्यूस की स्थिति के बाद चीन ने 25-23 से सेट और मैच दोनों अपने नाम किए।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि चीन ने 2023 के हांग्जो एशियन गेम्स में भी जापान को सीधे सेटों में हराकर स्वर्ण पदक जीता था। यह लगातार दूसरी बार है जब फाइनल में यही दोनों प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने आए और नतीजा चीन के पक्ष में रहा। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने हुई एशियन विमेंस वॉलीबॉल चैंपियनशिप के फाइनल में चीन को हार का सामना करना पड़ा था — नागोया के गोल्ड मेडल मुकाबले की इस जीत ने उस हार की कसर पूरी कर दी।
सेमीफाइनल की पृष्ठभूमि
सोमवार को खेले गए सेमीफाइनल में चीन ने थाईलैंड को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। उसी दिन दूसरे सेमीफाइनल में जापान ने साउथ कोरिया को 3-0 से मात देकर फाइनल की राह बनाई।
टूर्नामेंट की संरचना
इस प्रतियोगिता में 14 टीमें शामिल थीं, जिन्हें 4 ग्रुप में विभाजित किया गया था — दो ग्रुप में तीन-तीन और दो ग्रुप में चार-चार टीमें। क्वार्टर फाइनल में चीन, जापान, थाईलैंड, साउथ कोरिया के अलावा वियतनाम, कजाकिस्तान, इंडोनेशिया और चीनी ताइपे ने जगह बनाई थी।
आगे की राह
यह 10वाँ स्वर्ण पदक चीनी वॉलीबॉल की उस निरंतर श्रेष्ठता को रेखांकित करता है जो दशकों से एशियाई मंच पर अटूट बनी हुई है। जापान और थाईलैंड की टीमें इस परिणाम के बाद अपनी रणनीति को और धार देने पर विचार करेंगी, क्योंकि अगले एशियन गेम्स में चीन के वर्चस्व को चुनौती देना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य होगा।