करीमगंज उत्तर विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान की प्रक्रिया शुरू
सारांश
Key Takeaways
- पुनर्मतदान 11 अप्रैल को होगा।
- मतदान रद्द करने का निर्णय प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के कारण था।
- आयोग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों पर जोर दिया।
गुवाहाटी, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि असम के करीमगंज उत्तर विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर 9 अप्रैल को हुए मतदान को रद्द कर दिया गया है, जिसके बाद वहां पुनर्मतदान का आदेश दिया गया है।
ईसीआई के द्वारा जारी पत्र में मतदान रद्द करने के कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन ऐसा निर्णय आमतौर पर व्यवधान, प्रक्रियात्मक उल्लंघन या मतदान की निष्पक्षता को प्रभावित करने वाली शिकायतों के मामलों में लिया जाता है।
10 अप्रैल को आयोग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह निर्णय जमीनी स्तर से प्राप्त रिपोर्टों और मतदान प्रक्रिया से संबंधित सभी महत्वपूर्ण परिस्थितियों पर विचार करने के बाद लिया गया।
आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2)(ए) के तहत चिन्हित मतदान केंद्र पर हुए मतदान को रद्द कर दिया है।
प्रभावित मतदान केंद्र 123-करीमगंज उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बेबी लैंड इंग्लिश हाई स्कूल में स्थित है।
आयोग ने नए सिरे से मतदान की तिथि 11 अप्रैल यानी शनिवार निर्धारित की है, जिसमें मतदान सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगा।
असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को निर्देश भेज दिए गए हैं, जिसमें संबंधित मतदान क्षेत्र में पुनर्मतदान का व्यापक प्रचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को लिखित रूप में सूचित करें ताकि नए मतदान की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
इसके अतिरिक्त, चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि पुनर्मतदान प्रक्रिया के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर हैंडबुक, 2023 के अध्याय 13 में उल्लिखित सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।
चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों के पालन पर जोर दिया है।
पर्यवेक्षकों और जिला निर्वाचन अधिकारियों सहित सभी अधिकारियों को आयोग के आदेशों से अवगत रहने और उनका अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह घटनाक्रम असम में चल रहे महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों के बीच आया है, जहां कई निर्वाचन क्षेत्रों में भारी मतदान होने की खबर है।
पुनः मतदान से यह सुनिश्चित होने की उम्मीद है कि प्रभावित बूथों पर मतदाता स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।