क्या असम में भाजपा सरकार की पहचान योग्यता आधारित पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया है?

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क्या असम में भाजपा सरकार की पहचान योग्यता आधारित पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया है?

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को बढ़ावा देने की बात की है। उन्होंने सरकारी नौकरी वितरण में लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए एडीआरई जैसे सुधारों का उल्लेख किया। इस प्रक्रिया में बिचौलियों को खत्म कर समान अवसर प्रदान किया जाता है।

Key Takeaways

  • योग्यता आधारित भर्ती युवाओं के लिए अवसर प्रदान करती है।
  • पारदर्शिता से सरकारी प्रक्रिया में सुधार होता है।
  • भर्ती प्रक्रिया बिचौलियों को खत्म करती है।
  • सरकार द्वारा समान अवसर प्रदान किया जा रहा है।
  • अन्य राज्य इस मॉडल को अध्ययन कर रहे हैं।

गुवाहाटी, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि पारदर्शी और योग्यता-आधारित भर्ती अब भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की पहचान बन गई है।

उन्होंने बताया कि राज्य ने असम प्रत्यक्ष भर्ती परीक्षा (एडीआरई) जैसे संस्थागत सुधारों के जरिए सरकारी नौकरी वितरण में जनता का विश्वास सफलतापूर्वक बहाल किया है।

यहां अर्जुन भोगेश्वर बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक समारोह में 6,347 ग्रेड-III उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीनतम नियुक्तियों के साथ, वर्तमान सरकार के तहत दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 1,56,679 हो गई है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में बिचौलियों और भ्रष्ट प्रथाओं को खत्म करने के लिए निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए एडीआरई तंत्र का गठन किया गया था।

उन्होंने आगे कहा, "एडीआरई के माध्यम से की गई हर नियुक्ति पूरी तरह से योग्यता के आधार पर होती है। पूरी भर्ती प्रक्रिया मुकदमेबाजी से मुक्त रही है और उच्च न्यायालय में एक भी मामला नहीं है, जो इसकी विश्वसनीयता के बारे में बहुत कुछ बताता है।"

मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि एडीआरई के तहत चयनित उम्मीदवारों की शेष भर्ती 10 फरवरी से पहले पूरी कर ली जाएगी, और असम के योग्यता-आधारित भर्ती मॉडल को अब कई अन्य राज्य एक सर्वोत्तम अभ्यास के रूप में अध्ययन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "यह हमारी स्वच्छ शासन संबंधी पहलों की सफलता को दर्शाता है।"

मुख्यमंत्री सरमा ने भर्ती के पिछले चरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि मई 2023 में, 11,084 ग्रेड-III और 13,739 ग्रेड-IV पदों सहित, एडीआरई के माध्यम से कुल 24,787 उम्मीदवारों का चयन किया गया था।

दूसरे चरण में, 50 सरकारी विभागों के लिए 6,000 से अधिक उम्मीदवारों का चयन किया गया, जिनमें से दस्तावेज सत्यापन के बाद 6,347 उम्मीदवार योग्य पाए गए।

मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनसे आग्रह किया कि वे सेवा के पहले दिन से ही ईमानदारी बनाए रखें और भ्रष्टाचार के सभी रूपों का विरोध करें।

उन्होंने उनसे "भ्रष्टाचार विरोधी योद्धा" के रूप में कार्य करने और उच्च गुणवत्ता वाली सेवा वितरण सुनिश्चित करने की अपील की, विशेष रूप से समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के लिए।

सीएम सरमा ने नियुक्त किए गए अधिकारियों से "टीम असम" की भावना को आत्मसात करने, प्रशासन के भीतर सहयोग को बढ़ावा देने और सार्वजनिक सेवा में दक्षता और नवाचार को बढ़ाने के लिए अपने पूरे करियर में निरंतर सीखने की मानसिकता बनाए रखने का आह्वान किया।

इस समारोह में कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Point of View

बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण स्थापित कर रहा है। इस तरह की पहल से सरकार की ईमानदारी और कार्यक्षमता में वृद्धि हो रही है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

असम में योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया का महत्व क्या है?
यह प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देती है, जिससे सरकारी नौकरियों में लोगों का विश्वास बहाल होता है।
एडीआरई क्या है?
असम प्रत्यक्ष भर्ती परीक्षा (एडीआरई) एक प्रक्रिया है जो सरकारी नौकरी के लिए योग्यता के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करती है।
क्या इस प्रक्रिया में बिचौलियों का स्थान है?
नहीं, इस प्रक्रिया में बिचौलियों को समाप्त किया गया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष हो गई है।
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