8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या असम राइफल्स ने मणिपुर में भारत–म्यांमार सीमा पर नववर्ष मनाया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या असम राइफल्स ने मणिपुर में भारत–म्यांमार सीमा पर नववर्ष मनाया?

सारांश

मणिपुर में असम राइफल्स ने उत्साह और सौहार्द के साथ नववर्ष का जश्न मनाया। सीमावर्ती गांवों में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों के साथ रिश्ते को और मजबूत किया गया। खेल गतिविधियों और सामुदायिक मेलजोल ने इस आयोजन को और खास बना दिया। जानें इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

नववर्ष का उत्सव स्थानीय समुदायों के साथ मनाया गया।
खेल गतिविधियों ने भाईचारे को बढ़ावा दिया।
250 से अधिक स्थानीय निवासी और असम राइफल्स के जवान शामिल हुए।
सद्भावना का माहौल बना।
सामुदायिक सहयोग को बढ़ावा दिया गया।

इंफाल, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम राइफल्स ने गुरुवार को मणिपुर में भारत–म्यांमार सीमा से लगे गांवों में उत्साह और सौहार्द के साथ नववर्ष का स्वागत किया। इस मौके पर विभिन्न जनसंपर्क और सामुदायिक गतिविधियों के जरिए स्थानीय निवासियों के साथ अपनी मजबूत नातेदारी को और पुख्ता किया गया।

मणिपुर की म्यांमार के साथ 398 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा है। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि नववर्ष 2026 के स्वागत पर असम राइफल्स ने मणिपुर के सीमावर्ती चंदेल जिले के सेहलोन, कोवांग और काचिनबुंग गांवों में स्थानीय समुदायों के साथ भव्य आयोजन किया।

इस आयोजन का उद्देश्य भारत–म्यांमार सीमा (आईएमबी) के निकट स्थित गांवों के निवासियों के साथ आपसी मेलजोल और साझा उत्सवों के माध्यम से सद्भावना बढ़ाना तथा पुराने भरोसे और रिश्तों को और मजबूत करना था।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्थानीय युवाओं और असम राइफल्स की टीम के बीच खेले गए मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल मैच रहे। प्रवक्ता के अनुसार, विभिन्न गांवों में आयोजित इन मुकाबलों में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे खेल भावना और एकता को बढ़ावा मिला।

युवाओं को सकारात्मक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से जोड़ने की इस पहल से आपसी भाईचारा और स्वस्थ संवाद की भावना मजबूत हुई। मैचों के बाद विजेता टीमों को सम्मानित किया गया, ताकि युवाओं को खेल गतिविधियों में निरंतर भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

खेल गतिविधियों के अलावा, छोटे बच्चों के बीच मिठाइयां और उपहार वितरित कर उत्सव की खुशियां साझा की गईं। सभी उपस्थित लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई, जिससे नववर्ष की शुरुआत सौहार्द और अपनत्व के माहौल में हुई।

लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने बताया कि इस आयोजन में लगभग 250 स्थानीय निवासी और असम राइफल्स के 45 अधिकारी एवं जवान शामिल हुए। कार्यक्रम के समापन पर समुदाय के सदस्यों ने इस साझा उत्सव के लिए आभार व्यक्त किया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र में भरोसे और सहयोग की भावना और प्रगाढ़ हुई।

इस बीच, भारतीय सेना ने भी गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले में नववर्ष के अवसर पर नागरिक–सैन्य संबंधों को मजबूत किया। यह जिला चीन के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा और असम के साथ अंतर-राज्यीय सीमा साझा करता है।

सेना के जवानों ने रस्साकशी, तीरंदाजी और अन्य पारंपरिक खेलों सहित कई खेल एवं सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया, जिसमें बेने गांव के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों सहित सभी आयु वर्ग के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इसी तरह के एक अन्य नववर्ष आयोजन में, समाज के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए भारतीय सेना के स्पीयर कॉर्प्स के अंतर्गत रेड शील्ड डिवीजन ने असम के जोरहाट जिले में स्थित निरासोई शिशु भवन अनाथालय के बच्चों के साथ नववर्ष 2026 मनाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सांस्कृतिक समरसता को भी प्रोत्साहित करते हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम राइफल्स ने नववर्ष कैसे मनाया?
असम राइफल्स ने स्थानीय गांवों में खेल गतिविधियों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से नववर्ष का जश्न मनाया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों के साथ सद्भावना बढ़ाना और रिश्तों को मजबूत करना था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले