क्या असम राइफल्स अरुणाचल प्रदेश में शांति की रीढ़ है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या असम राइफल्स अरुणाचल प्रदेश में शांति की रीढ़ है?

सारांश

अरुणाचल प्रदेश में असम राइफल्स की योगदान को लेकर राज्यपाल ने प्रशंसा की। उनकी भूमिका शांति और स्थिरता में महत्वपूर्ण है। जानिए कैसे इस बल ने स्थानीय समुदायों के साथ अपने विश्वास को मजबूत किया है।

मुख्य बातें

असम राइफल्स ने शांति और स्थिरता सुनिश्चित की है।
राज्यपाल ने बटालियन की सराहना की है।
सुरक्षा उपायों ने विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाया है।

ईटानगर, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के.टी. परनाइक ने मंगलवार को कहा कि निरंतर सतर्कता और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से असम राइफल्स ने अपने कार्यक्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की है।

लोक भवन के एक अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल ने मंगलवार को ईटानगर में असम राइफल्स की 11वीं बटालियन को राज्यपाल प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। यह प्रशस्ति पत्र बटालियन के कमांडेंट कर्नल विवेक त्रिपाठी ने सूबेदार मेजर लेख राज और राइफलमैन (जीडी) नीलैश कुमार के साथ, बटालियन के सभी रैंकों की ओर से प्राप्त किया।

प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए राज्यपाल ने 11 असम राइफल्स की उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता, प्रभावी काउंटर-इंसर्जेंसी अभियानों तथा नागरिक प्रशासन और स्थानीय जनता को समय पर सहायता पहुंचाने के उनके मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण की सराहना की।

उन्होंने अरुणाचल प्रदेश की जनता की ओर से कमांडेंट और बटालियन के सभी जवानों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह बटालियन आगे भी सेवा और समर्पण के उच्च मानकों को बनाए रखेगी।

राज्यपाल ने कहा कि निरंतर निगरानी और सशक्त सुरक्षा उपायों के जरिए 11 असम राइफल्स ने अपने कार्यक्षेत्र में शांति कायम की है और लोगों में सुरक्षाविश्वास की भावना पैदा की है, जिससे विकास के लिए अनुकूल वातावरण बना है। उन्होंने यह भी कहा कि बटालियन की सद्भावना गतिविधियों ने सशस्त्र बलों और स्थानीय समुदायों के बीच आपसी विश्वास और सौहार्द को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सशस्त्र बलों का अनुकरणीय कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन में महत्वपूर्ण योगदान देता है और अरुणाचल प्रदेश में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सुदृढ़ करता है। अनेक चुनौतियों के बावजूद 11 असम राइफल्स ने राज्य में शांति, स्थिरता और प्रगति की दिशा में सराहनीय योगदान दिया है।

इस बीच, रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल प्रशस्ति पत्र बटालियन की परिचालन उत्कृष्टता, अडिग सतर्कता और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में शांति व सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का सम्मान है। वर्षों से असम राइफल्स ने अनुशासित आचरण, पेशेवर दक्षता और उच्च जिम्मेदारी के साथ काउंटर-इंसर्जेंसी, सीमा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा दायित्वों का निर्वहन किया है।

प्रवक्ता ने बताया कि साहस, दृढ़ता और अनुकूलन क्षमता के निरंतर प्रदर्शन से बल को नागरिक प्रशासन और स्थानीय समुदायों का विश्वास व सम्मान प्राप्त हुआ है। परिचालन उपलब्धियों के साथ-साथ मियाओ और नामसाई में असम राइफल्स ने नागरिक कार्य कार्यक्रमों, मानवीय सहायता और जनसंपर्क पहलों के जरिए सद्भाव और सामंजस्य को बढ़ावा दिया है। प्राकृतिक आपदाओं, अवसंरचना विकास और सामुदायिक कल्याण गतिविधियों में भी बल के जवानों ने सक्रिय सहयोग किया है, जो इसकी जन-केंद्रित और मानवीय कार्यसंस्कृति को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल सुरक्षा बल है, बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास और सहयोग का एक महत्वपूर्ण पुल है। इस तरह की गतिविधियाँ राष्ट्रीय एकता और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम राइफल्स का मुख्य उद्देश्य क्या है?
असम राइफल्स का मुख्य उद्देश्य शांति और सुरक्षा को बनाए रखना और नागरिक प्रशासन में सहायता करना है।
राज्यपाल ने असम राइफल्स को प्रशस्ति पत्र क्यों दिया?
राज्यपाल ने असम राइफल्स को उनकी उत्कृष्ट पेशेवर क्षमता और मानवता के प्रति संवेदनशीलता के लिए प्रशस्ति पत्र दिया।
राष्ट्र प्रेस