क्या अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है?: विपिन सिंह परमार

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क्या अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है?: विपिन सिंह परमार

सारांश

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन हर वर्ष 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने उनके योगदान को याद करते हुए महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जानकारी दी। जानें इस दिन के महत्व और भाजपा के आयोजनों के बारे में।

मुख्य बातें

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन 25 दिसंबर को मनाया जाता है।
इस दिन को सुशासन दिवस के रूप में मान्यता दी गई है।
भाजपा द्वारा इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी एक प्रखर वक्ता , साहित्यकार और कवि थे।
उनके कार्यों ने भारत की पहचान को मजबूती प्रदान की।

पालमपुर, 26 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जन्मदिन 25 दिसंबर को पूरे देश में ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और हिमाचल प्रदेश में भी 25 दिसंबर से राज्यभर में ये आयोजन हो रहे हैं। जहां-जहां भाजपा के कार्यालय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां दीपोत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की गई और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

परमार ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी और उसके पूर्ववर्ती जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्होंने चुनाव जीतकर लोकसभा में प्रवेश किया और उनका राजनीतिक जीवन अत्यंत लंबा, प्रभावशाली और प्रेरणादायी रहा। उन्होंने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी एक वट वृक्ष के रूप में विकसित हो चुकी है और देशभर में विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी के विचारों का प्रवाह लगातार मजबूत हो रहा है।

उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं थे, बल्कि एक साहित्यकार, लेखक और कवि भी थे। उनका जीवन अनुभव अत्यंत व्यापक था और वे युगदृष्टा थे। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की कला उनके व्यवहार और व्यक्तित्व में स्पष्ट रूप से झलकती थी। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक प्रखर वक्ता थे, जिनकी भाषण शैली आज भी लोगों को प्रेरित करती है।

विपिन सिंह परमार ने आगे कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे और उनके कार्यकाल के दौरान देश की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली। उन्होंने भारत को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के सभी वर्गों का विकास भी है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म कब हुआ था?
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था।
सुशासन दिवस क्यों मनाया जाता है?
सुशासन दिवस अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के अवसर पर उनके योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है।
विपिन सिंह परमार कौन हैं?
विपिन सिंह परमार हिमाचल प्रदेश के भाजपा विधायक हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी के कौन से प्रमुख कार्य थे?
अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए।
भारत रत्न का पुरस्कार किसे दिया जाता है?
भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो देश के प्रति विशिष्ट सेवाओं के लिए दिया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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