क्या ऑस्ट्रेलिया बोंडी बीच हमले के फर्स्ट रिस्पोंडर्स और नायकों के लिए नया पुरस्कार शुरू करेगा?
सारांश
Key Takeaways
- ऑस्ट्रेलिया में बोंडी बीच हमले के फर्स्ट रिस्पोंडर्स को सम्मानित किया जाएगा।
- प्रधानमंत्री ने गवर्नर-जनरल से विशेष सम्मान सूची बनाने की मांग की है।
- इस हमले में १५ लोगों की जान गई।
- नए बंदूक कानून लागू किए गए हैं।
- यह हमला ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों पर भी हमला था।
सिडनी, २४ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने बताया कि उन्होंने गवर्नर-जनरल से अनुरोध किया है कि बोंडी बीच में हुए आतंकवादी हमले के बाद लोगों की जान बचाने वाले पहले फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स और अन्य नायकों के लिए एक विशेष सम्मान सूची तैयार की जाए। ऑस्ट्रेलियाई प्रसारण निगम (एबीसी) के अनुसार, इन व्यक्तियों के नाम वर्ष २०२६ में सार्वजनिक किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सूची में पुलिसकर्मी, मेडिकल स्टाफ और वे सामान्य नागरिक शामिल होंगे, जिन्होंने आतंकवादी हमले के बाद अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की सहायता की। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अजनबियों की जान बचाने के लिए खुद को जोखिम में डाला, वे सार्वजनिक सम्मान के योग्य हैं।
यह सामूहिक गोलीबारी की घटना १४ दिसंबर को हुई थी। यह हमला यहूदी त्योहार हनुक्का के पहले दिन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को निशाना बनाकर किया गया था। इस हमले में १५ लोगों की जान गई।
इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य की संसद ने कड़े नए बंदूक कानून और विरोध प्रदर्शन से संबंधित नियम पास किए। यह बिल बुधवार तड़के करीब तीन बजे १८ के मुकाबले आठ वोटों से पारित हुआ। इसमें आतंक से जुड़े संदिग्ध लोगों के लिए हथियार कानून को सख्त करने का प्रावधान भी शामिल है। अब यह कानून अंतिम मंजूरी के लिए निचले सदन में भेजा गया है।
इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा था कि बोंडी बीच में हुए आतंकवादी हमले के कारण इस साल क्रिसमस का समय दुख और शोक से भरा रहेगा। उन्होंने कैनबरा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यह हमला न केवल यहूदी समुदाय पर, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों और समाज पर भी हमला था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस घटना के कारण कई लोगों के लिए इस बार क्रिसमस का एहसास अलग होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हमले के बाद ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने जिस साहस, दयालुता और करुणा का प्रदर्शन किया, वह पूरे देश की सकारात्मक भावना को दर्शाता है।