क्या अयोध्‍या में एसआईआर प्रक्रिया में तेजी लाने से 98.50 प्रतिशत काम पूरा हुआ?

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क्या अयोध्‍या में एसआईआर प्रक्रिया में तेजी लाने से 98.50 प्रतिशत काम पूरा हुआ?

सारांश

उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए जिला प्रशासन तेजी से काम कर रहा है। अयोध्या और गाजीपुर दोनों जिलों में अधिकारियों ने दावा किया कि एसआईआर से संबंधित अधिकांश कार्य अंतिम चरण में है। क्या समय पर पूरा होगा यह कार्य?

मुख्य बातें

अयोध्या में एसआईआर प्रक्रिया की प्रगति गाजीपुर में भी तेजी से काम हो रहा है 12 दिसंबर की समय सीमा फर्जी वोटिंग पर रोक लगाने का प्रयास लोगों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता

अयोध्या/गाजीपुर, 8 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए जिला प्रशासन तेजी से काम कर रहा है। अयोध्या और गाजीपुर दोनों जिलों में अधिकारियों ने दावा किया कि एसआईआर से संबंधित अधिकांश कार्य अंतिम चरण में है और तय तारीख से पहले ही प्रक्रिया पूर्ण होने की संभावना है।

अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टिकाराम फुंडे ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि जिले में एसआईआर का 98.50 प्रतिशत काम हो चुका है। बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) निरंतर अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर एसआईआर से जुड़े फॉर्म भर रहे हैं और मतदाता सूचियों का सत्यापन कर रहे हैं। डीएम ने बताया कि जहां-जहां वोटरों की सूची तैयार की गई है, वहां बीएलओ के साथ बैठक कर डाटा साझा किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि 12 दिसंबर की निर्धारित समय-सीमा तक यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

वहीं, गाजीपुर जिले में भी प्रशासन एसआईआर कार्य को तेजी से निपटाने में जुटा है। एसडीएम रविश गुप्ता ने बताया कि सदर तहसील में लगभग 81 प्रतिशत एसआईआर का काम पूरा हो चुका है। अब तक 81.19 प्रतिशत डेटा डिजिटाइज्ड हो चुका है, जबकि 98.98 प्रतिशत फॉर्म बीएलओ के पास जमा कर लिए गए हैं।

एसडीएम ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे समय रहते अपने एसआईआर फॉर्म बीएलओ को सौंप दें ताकि प्रक्रिया जल्द से जल्द पूर्ण की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन निरंतर बैठकों और अभियानों के माध्यम से आम लोगों को जागरूक कर रहा है।

इसी बीच इकबाल अंसारी ने भी एसआईआर प्रक्रिया का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह एक सराहनीय कदम है, जिससे फर्जी वोटिंग पर रोक लग सकेगी। पहले लोग दो या तीन स्थानों पर आईडी बनवाकर मतदान करते थे, लेकिन एसआईआर के बाद यह प्रथा समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा, “यह भारतीय नागरिक होने के दृष्टिकोण से बेहद आवश्यक कदम है। अब लोग देश के किसी भी हिस्से में क्यों न रहते हों, उनका वोट केवल एक ही रहेगा। सरकार की यह पहल स्वागत योग्य है।”

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं मानता हूँ कि इस प्रकार की प्रक्रियाएँ लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करती हैं। एसआईआर प्रक्रिया न केवल वोटिंग को पारदर्शी बनाती है, बल्कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा भी करती है। यह कदम निश्चित रूप से समय पर और प्रभावी ढंग से पूरा होना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर प्रक्रिया क्या है?
एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता पहचान को सुनिश्चित करना और फर्जी वोटिंग को रोकना है।
अयोध्या में एसआईआर प्रक्रिया की प्रगति क्या है?
अयोध्या में एसआईआर का 98.50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
गाजीपुर में एसआईआर प्रक्रिया की स्थिति क्या है?
गाजीपुर में एसडीएम ने बताया कि सदर तहसील में लगभग 81 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
इस प्रक्रिया का क्या महत्व है?
यह प्रक्रिया फर्जी वोटिंग को रोकने में मदद करती है और लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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