बलूचिस्तान में बारिश और बाढ़ से मची तबाही, सात लोगों की जान गई

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बलूचिस्तान में बारिश और बाढ़ से मची तबाही, सात लोगों की जान गई

सारांश

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बाढ़ और बारिश ने तबाही मचाई है। कम से कम सात लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हैं। जानिए इस आपदा के असर और राहत कार्यों की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • बारिश और बाढ़ से बलूचिस्तान में भारी नुकसान हुआ है।
  • कम से कम सात लोगों की जान गई है।
  • राहत कार्य के लिए पीडीएमए सक्रिय है।
  • कई जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
  • फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

क्वेटा, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जोरदार बारिश और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम सात लोगों की जान चली गई और चार अन्य घायल हुए हैं। शुक्रवार को स्थानीय मीडिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बारिश और बाढ़ ने सैकड़ों घरों, मवेशियों और फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है।

बाढ़ के कारण बलूचिस्तान के कच्छी, नसीराबाद, झाल मग्सी, डेरा बुगती, सिबी, हरनाई, कोहलू, तुर्बत, जाफराबाद, लोरलाई और बोलन जैसे जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, प्रोविंशियल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (पीडीएमए) ने बताया कि 100 से अधिक घर नष्ट हो गए और 50 से ज्यादा मवेशी मारे गए। लगभग 400 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। हरनाई और किला अब्दुल्ला में लगभग 100 घर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि झाल मग्सी में बाढ़ के पानी ने गंडावाह-नोटल सड़क को अवरुद्ध कर दिया।

लोरलाई और कच्छी में बिजली गिरने से दो लोगों, कोहलू में छत गिरने से एक व्यक्ति और लोरलाई में दीवार गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। साथ ही, जाफराबाद में एक बच्चा डूब गया और केच में दो लोग बह गए।

भारी बारिश के कारण महत्वपूर्ण सड़कें खराब हो गईं। हरनाई-क्वेटा और क्वेटा-संजावी नेशनल हाईवे के कुछ हिस्से बह गए हैं। हरनाई और चमन में नदियों में अचानक बाढ़ आई है।

पीडीएमए के अनुसार, इमरजेंसी टीमें जिला प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

किला अब्दुल्ला में 15 महिलाओं और बच्चों को ले जा रही एक मिनी-कोच बाढ़ में फंस गई थी। हालांकि, पीडीएमए की सहायता से डिप्टी कमिश्नर की देखरेख में सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। कच्छी के गोथ ताज हबीब और गोथ बलूचनी में भी बचाव कार्य जारी है, जहां बांध की मरम्मत का कार्य चल रहा है।

पाकिस्तानी मीडिया डॉन के अनुसार, हजारों मवेशियों की मौत हुई और सरसों, गेहूं और चने जैसी फसलें बर्बाद हो गईं। बोलान, यारोकाजोई, नोटल, गंडावा और झाल मग्सी को जोड़ने वाली सड़कें भी कट गई हैं, जिससे लोग अलग-थलग पड़ गए हैं और सिंध और बलूचिस्तान के बीच यातायात बाधित हो गया है।

30 मार्च को, पीडीएमए ने कहा कि 25 मार्च से पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भारी बारिश के कारण छत और दीवार गिरने से कम से कम 17 लोग मारे गए, जिनमें 14 बच्चे शामिल हैं और 56 अन्य घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा मौतें बन्नू में हुईं, जहां सात बच्चों और एक महिला समेत आठ लोगों की जान चली गई।

Point of View

ताकि प्रभावित लोगों की सहायता की जा सके।
NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या बलूचिस्तान में बाढ़ के कारण जान-माल की हानि हुई है?
हाँ, बलूचिस्तान में बारिश और बाढ़ के कारण कम से कम सात लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं।
कौन से जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं?
कच्छी, नसीराबाद, झाल मग्सी, डेरा बुगती, सिबी, हरनाई, कोहलू, तुर्बत, जाफराबाद, लोरलाई और बोलन जैसे जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
क्या राहत कार्य चल रहे हैं?
जी हां, पीडीएमए की इमरजेंसी टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
क्या फसलों को नुकसान हुआ है?
हाँ, बाढ़ के कारण सरसों, गेहूं और चने जैसी फसलें बर्बाद हो गई हैं।
क्या लोग अलग-थलग पड़ गए हैं?
हाँ, कई सड़कें कट गई हैं जिससे लोग अलग-थलग पड़ गए हैं।
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