बलूचिस्तान के केच में घर पर रॉकेट हमला: महिला समेत 2 की मौत, 12 वर्षीय ब्रह्मदाग अगवा
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के केच जिले के बुलेदा इलाके में 29 सितंबर 2026 को अज्ञात हथियारबंद लोगों ने एक आवासीय घर पर रॉकेट लॉन्चर और अंधाधुंध गोलीबारी से हमला किया। इस हमले में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। हमलावर वापस जाते समय 12 वर्षीय बच्चे ब्रह्मदाग को कथित तौर पर अपने साथ उठा ले गए, जिसका अब तक कोई अता-पता नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स काउंसिल ऑफ बलूचिस्तान (HRCB) ने बताया कि हमला केच के बुलेदा स्थित अलंदूर इलाके में एक घर को निशाना बनाकर किया गया। संगठन के अनुसार, इस हमले में सरदार याह्या और आयशा की मौत हुई, जबकि शायहक और शाहब घायल हुए।
HRCB के मुताबिक, हमलावरों ने घर को भारी नुकसान पहुँचाया — घर में रखा सामान और वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसके बाद हथियारबंद लोग वहाँ से रवाना होते समय 12 वर्षीय ब्रह्मदाग को जबरन अपने साथ ले गए।
लापता बच्चे की स्थिति
HRCB ने पुष्टि की कि ब्रह्मदाग के ठिकाने की जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है। बच्चे के परिवार ने उसकी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। संगठन ने घटना पर गंभीर उद्वेग प्रकट करते हुए ब्रह्मदाग को तत्काल और सुरक्षित रूप से उसके परिवार के पास वापस लौटाने की अपील की है।
महिला और बच्चों के अपहरण का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि इस हमले से महज एक दिन पहले, सोमवार को, बलूच वुमेन फोरम (BWF) ने दावा किया था कि 25 वर्षीय हानी बलूच और उनकी नाबालिग बेटी आयशा बलूच को 27 सितंबर की रात केच जिले स्थित उनके घर से कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और राज्य समर्थित डेथ स्क्वॉड ने जबरन उठा लिया। BWF के अनुसार, उस घटना के बाद से दोनों का कोई पता नहीं है।
BWF ने आरोप लगाया कि बलूच महिलाओं और बच्चों के अपहरण की ये घटनाएँ एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसमें कथित तौर पर जबरन गुमशुदगी, डराने-धमकाने और सामूहिक दंड के ज़रिए बलूच आबादी पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की जाती है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि जबरन लापता किए गए लोगों को कई मामलों में कैमरे के सामने आने या दबाव में बयान देने के लिए मजबूर किया जाता है।
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों या सरकार की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मानवाधिकारों पर सवाल
HRCB ने कहा कि केच में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। एक महिला की हत्या और एक बच्चे के कथित अपहरण ने मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने ज़ोर देकर कहा कि नागरिकों के आवासों पर सशस्त्र हमलों तथा महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने की बढ़ती घटनाओं पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में हिंसा की घटनाएँ लगातार सुर्खियों में हैं और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकाय पाकिस्तान पर दबाव बनाने की माँग कर रहे हैं। HRCB और BWF दोनों ने पाकिस्तानी अधिकारियों से जाँच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की है। ब्रह्मदाग की सुरक्षित वापसी और हमले की निष्पक्ष जाँच आने वाले दिनों में इस मामले का केंद्रीय मुद्दा बनी रहेगी।