बंगाल में बदलाव की लहर: सम्राट चौधरी ने ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ने का किया आह्वान
सारांश
Key Takeaways
- सम्राट चौधरी ने ममता बनर्जी की सरकार को चुनौती दी।
- बंगाल में भाजपा का विकास कार्य जारी है।
- महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर जोर दिया गया।
- राष्ट्रपति की भावनाओं की अनदेखी की गई।
- जनता में परिवर्तन की लहर है।
जलपाईगुड़ी, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जनता ने तय कर लिया है कि इस बार बदलाव लाया जाएगा। हम सब ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा बंगाल में आदिवासी समुदायों, गोरखा समुदाय और बंगाली समाज सहित सभी लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है।
डिप्टी सीएम ने रविवार को बंगाल के दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल के क्रांति, माल विधानसभा (सिलीगुड़ी) में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार, अराजकता और अन्याय की प्रतीक बन गई है। परिवर्तन यात्रा बंगाल की जनता की एक सशक्त पुकार है, जो राज्य को कुशासन से मुक्त कर पीएम मोदी के नेतृत्व में जिम्मेदारी, सुशासन और विकास के नए युग की स्थापना करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और आदिवासी समुदाय की भावनाओं की अनदेखी बेहद ही दुखद है। सिलीगुड़ी में अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के स्थल को छोटा कर दिया गया और न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री उन्हें रिसीव करने आए।
राष्ट्रपति ने खुद दुख व्यक्त किया कि क्या ममता दीदी मुझसे नाराज हैं। यह आदिवासी समुदाय और राष्ट्र के सर्वोच्च पद का अपमान है। पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी हैं। राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है। इसकी गरिमा का सम्मान हर हाल में होना चाहिए। ममता बनर्जी ने निकृष्ट राजनीति पेश कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को तार-तार कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का जिक्र करते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सभी माताओं एवं बहनों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। नारी शक्ति साहस, त्याग, ममता और सृजन की अद्भुत प्रतीक है। परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महिलाओं का योगदान अमूल्य और प्रेरणादायी रहा है। आज का यह दिवस हमें महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण के प्रति अपने संकल्प को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है। आइए, हम सब मिलकर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने का संकल्प लें, ताकि एक सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण हो सके।