क्या बांग्लादेश में शिक्षकों का गुस्सा फिर भड़का?

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क्या बांग्लादेश में शिक्षकों का गुस्सा फिर भड़का?

सारांश

बांग्लादेश में शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में सभी सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का ऐलान किया है। इस स्थिति में अराजकता का माहौल बना हुआ है, और शिक्षकों की तीन सूत्रीय मांगों की अनदेखी हो रही है। जानिए इस मुद्दे की गहराई और शिक्षकों की उम्मीदें।

मुख्य बातें

शिक्षकों ने सभी सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद किया।
तीन सूत्रीय मांगों की अनदेखी का विरोध।
सहायक शिक्षकों का वेतन स्केल ग्रेड 10 तक बढ़ाने की मांग।
सरकार को शिक्षकों की मांगों का समाधान करना चाहिए।
बांग्लादेश में शैक्षणिक स्थिरता को खतरा।

ढाका, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में अराजकता का माहौल बना हुआ है। राजनीतिक दलों के नेता, छात्र और शिक्षक सभी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, और हिंसा की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। बांग्लादेश के शिक्षकों ने बुधवार को अपनी तीन सूत्रीय मांगों के समर्थन में सभी सरकारी प्राइमरी स्कूलों को कुल मिलाकर बंद करने का निर्णय लिया।

मंगलवार रात से ही प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने 'प्राइमरी टीचर्स डिमांड इम्प्लीमेंटेशन काउंसिल' के बैनर तले यह घोषणा की। शिक्षकों का कहना है कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के वित्त मंत्रालय से मिले आश्वासन के बावजूद उनकी मांगों को पूरा करने में कोई प्रगति नहीं हुई है। इससे पहले भी ये शिक्षक सड़कों पर उतरे थे और स्कूलों को बंद करने की घोषणा की थी।

बांग्लादेशी अखबार द ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, काउंसिल ने कहा, "वित्त मंत्रालय ने हमारी तीन बिंदुओं की मांगों को पूरा करने का वादा किया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण से सभी सरकारी प्राइमरी स्कूल बुधवार से बंद रहेंगे, और जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक परीक्षा का बॉयकॉट किया जाएगा।"

काउंसिल का कहना है, "हमें उम्मीद है कि अधिकारी सहायक शिक्षकों की जायज मांगों पर तुरंत कार्रवाई करेंगे, प्राइमरी स्कूलों में रुकावट को दूर करेंगे, और शिक्षकों को कक्षा में लौटने और परीक्षा फिर से शुरू करने की अनुमति देंगे।"

इस मुद्दे में सहायक शिक्षकों का वेतन स्केल ग्रेड 10 तक बढ़ाना, 10 और 16 साल की सेवा के बाद उच्च ग्रेड लाभों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना, और सहायक शिक्षक से हेड टीचर के पद पर 100 प्रतिशत विभागीय प्रमोशन शामिल है।

मोहम्मद शमसुद्दीन ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक स्कूल बंद या लॉक-स्कूल कार्यक्रम जारी रहेगा।"

इससे पहले प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों ने पे ग्रेड और प्रमोशन से जुड़ी मांगों के समर्थन में तीन दिन के लिए स्कूलों में काम बंद रखा था। बांग्लादेश प्राइमरी स्कूल असिस्टेंट टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शमसुद्दीन मसूद ने बताया था कि यह हड़ताल एकजुट होकर की जा रही है, क्योंकि अंतरिम सरकार के तहत मंत्रालय ने पिछले महीने उनकी मांगों पर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी।

बांग्लादेश प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की जनरल सेक्रेटरी खैरुन नाहर लिपिने ने कहा, "हमारे एक साथी की मौत हो गई है, और कई अन्य पुलिस कार्रवाई में घायल हुए हैं। जब तक सरकार हमारी मांगों को पूरा करने वाला नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, हम कक्षा में नहीं जाएंगे और परीक्षा में भाग नहीं लेंगे।"

गौरतलब है कि शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। देश आर्थिक मंदी और बिगड़ते कार्य स्थितियों का सामना कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की राजनीतिक स्थिरता को भी खतरे में डाल रहा है। सरकार को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिक्षकों की मुख्य मांगें क्या हैं?
शिक्षकों की मुख्य मांगों में सहायक शिक्षकों का वेतन स्केल ग्रेड 10 तक बढ़ाना, 10 और 16 साल की सेवा के बाद उच्च ग्रेड लाभों की समस्याओं का समाधान और सहायक शिक्षक से हेड टीचर के पद पर 100 प्रतिशत विभागीय प्रमोशन शामिल हैं।
बंद का कारण क्या है?
बंद का कारण शिक्षकों की मांगों की अनदेखी और वित्त मंत्रालय द्वारा किए गए वादों का न निभाया जाना है।
इस स्थिति का सामाजिक प्रभाव क्या है?
इस स्थिति का सामाजिक प्रभाव यह है कि शिक्षा के क्षेत्र में अराजकता पैदा हो रही है, और छात्रों की परीक्षा भी प्रभावित हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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