9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या बैंक डिपॉजिट ग्रोथ और लिक्विडिटी उपायों से चालू वित्त वर्ष में क्रेडिट ग्रोथ 11-12 प्रतिशत रहने की उम्मीद है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बैंक डिपॉजिट ग्रोथ और लिक्विडिटी उपायों से चालू वित्त वर्ष में क्रेडिट ग्रोथ 11-12 प्रतिशत रहने की उम्मीद है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि इस वित्त वर्ष में बैंक डिपॉजिट ग्रोथ और लिक्विडिटी उपायों के चलते क्रेडिट ग्रोथ 11-12 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है? जानें इस रिपोर्ट में क्या है इसकी वजह और इसके संभावित प्रभाव।

मुख्य बातें

लिक्विडिटी में वृद्धि के कारण क्रेडिट ग्रोथ 11-12 प्रतिशत रहने की संभावना।
डिपॉजिट ग्रोथ स्थिर रहने की उम्मीद।
सीएएसए रेश्यो में गिरावट संरचनात्मक बदलाव का संकेत।
बैंक फंडिंग के स्रोतों में विविधता ला सकते हैं।
अल्टर्नेटिव निवेश साधनों की ओर रिटेल जमाकर्ताओं का झुकाव।

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। नियामक उपायों के परिणामस्वरूप लिक्विडिटी बढ़ने से चालू वित्त वर्ष में बैंकों में डिपॉजिट ग्रोथ पर्याप्त रहने और क्रेडिट ग्रोथ 11-12 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, टर्म डिपॉजिट में घरेलू भागीदारी में कमी और करंट अकाउंट तथा सेविंग अकाउंट (सीएएसए) रेश्यो में गिरावट यह दर्शाती है कि संरचनात्मक बदलाव हो रहे हैं, जिससे मध्यम से लंबी अवधि में फंडिंग की लागत में वृद्धि हो सकती है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने अप्रैल 2025 से लिक्विडिटी बढ़ाई है, जिससे कम लिक्विडिटी की स्थिति में सुधार हुआ है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कैश रिजर्व रेशियो में 100 बेसिस पॉइंट की कटौती से सिस्टम में लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपए आए हैं और रिवाइज्ड लिक्विडिटी कवरेज रेशियो नियमों से 1.9 लाख करोड़ रुपए और मिल सकते हैं।

रिटेल जमाकर्ता अल्टर्नेटिव निवेश साधनों की ओर बढ़ रहे हैं। इससे वित्त वर्ष 25 में घरेलू जमा का हिस्सा घटकर 52 प्रतिशत रह गया है, जो कि वित्त वर्ष 2020 में 67 प्रतिशत था।

क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक सुभा श्री नारायणन ने कहा, "कुल बैंक डिपॉजिट में घरेलू जमा का हिस्सा वित्त वर्ष 2020 और वित्त वर्ष 2025 के बीच 64 प्रतिशत से घटकर 60 प्रतिशत हो गया, जबकि गैर-वित्तीय कंपनियों ने 4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ इस अंतर को भरने का कार्य किया।"

उन्होंने आगे कहा, "कम लिक्विडिटी की अवधि में यह व्यवहार कुछ बैंकों के लिए जमा में तेजी से कमी और फंडिंग की लागत में वृद्धि का कारण बन सकता है। आगे चलकर, जैसे-जैसे वैकल्पिक निवेश लोकप्रिय होते रहेंगे, हम घरेलू जमा का हिस्सा कम होने की उम्मीद करते हैं।"

सीएएसए डिपॉजिट में करंट डिपॉजिट का हिस्सा लगभग स्थिर रहा है, जबकि सेविंग डिपॉजिट का हिस्सा कम हुआ है।

फर्म ने सुझाव दिया कि क्योंकि डिपॉजिट कुल उधार का 90 प्रतिशत से अधिक है, इसलिए बैंक संभावित जोखिमों को कम करने के लिए अपने फंडिंग स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बैंकिंग क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों का असर देश की आर्थिक संरचना पर पड़ता है। हमें इन परिवर्तनों के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं पर ध्यान देना होगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस वित्त वर्ष में क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीद कितनी है?
इस वित्त वर्ष में क्रेडिट ग्रोथ 11-12 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
लिक्विडिटी उपायों का प्रभाव क्या है?
लिक्विडिटी उपायों के परिणामस्वरूप बैंक डिपॉजिट ग्रोथ में वृद्धि हो रही है।
सीएएसए रेश्यो में गिरावट का क्या मतलब है?
सीएएसए रेश्यो में गिरावट का मतलब है कि घरेलू जमाकर्ता अन्य निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले