बंगाल चुनाव: बिप्लब देब ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए, ममता का व्यवहार अराजकता का संकेत
सारांश
Key Takeaways
- बिप्लब देब ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- चुनाव आयोग ने मतदान के लिए जनता को प्रेरित करने के लिए कदम उठाए हैं।
- बंगाल की जनता इस बार मतदान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
कोलकाता, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद एवं त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह केवल एक पारिवारिक व्यवसाय चला रही हैं। उनके अनुसार, ममता बनर्जी नहीं चाहतीं कि लोग चुनाव में वोट डालें। चुनाव आयोग इस बात को सुनिश्चित कर रहा है कि लोग मतदान के लिए बाहर आएं।
उन्होंने कहा कि ममता का व्यवहार अराजकता फैलाने वाला है। सुभेंदु अधिकारी के नामांकन के दौरान घटनाएं हुईं और मालदा में भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हुई। ममता के कार्यों का दुष्परिणाम समाज को भुगतना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल के लोग ममता बनर्जी से मुक्ति पाना चाहते हैं और इस बार के चुनाव में जनता सक्रियता से मतदान करेगी। टीएमसी के समर्थक मतदान को रोकने का प्रयास कर रहे हैं, जो कि उनकी रणनीति का हिस्सा है। चुनाव आयोग इस स्थिति को सुधारने के लिए प्रयासरत है, जिससे टीएमसी को दिक्कत हो रही है।
उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा नेता पहले कभी नहीं देखा जो जनता को वोट डालते नहीं देखना चाहती। टीएमसी चाहती है कि मतदान गुंडों के माध्यम से हो। कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना मुख्यमंत्री का प्राथमिक कर्तव्य होता है, लेकिन ममता ने बंगाल में इस दिशा में कुछ नहीं किया। ममता स्वयं अराजकता का माहौल पैदा कर रही हैं और न्यायिक अधिकारियों के साथ भी समस्या उत्पन्न हुई है।
चुनाव आयोग के कार्यों पर बिप्लब देब ने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी पार्टी के लिए प्रचार करने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। चुनाव आयोग ने सही निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव आयोग और संविधान में विश्वास करते हैं। बंगाल की जनता को इस बार निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
बिप्लब देब ने कहा कि वे चाहते हैं कि बंगाल में भाजपा की सरकार बने और जनता के साथ न्याय हो। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को जो कार्य करने के लिए जनता ने चुना था, वह उन्होंने नहीं किया।