एलपीजी अफवाहों के खिलाफ 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सक्रियता: केंद्र सरकार का बयान
सारांश
Key Takeaways
- 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा नियमित प्रेस ब्रीफिंग का आयोजन।
- सोशल मीडिया पर फेक न्यूज पर नजर रखना।
- जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई।
- एलपीजी सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग में वृद्धि।
- सरकारी तेल कंपनियों द्वारा निरीक्षण बढ़ाना।
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने कहा है कि देश के 21 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश एलपीजी से संबंधित अफवाहों को खत्म करने और नागरिकों को सही जानकारी प्रदान करने के लिए नियमित प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं।
सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देशित किया है कि वे लोगों तक सटीक जानकारी पहुंचाने के लिए सक्रिय संवाद को बढ़ावा दें, वरिष्ठ स्तर पर रोजाना प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करें, और सोशल एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सही जानकारी समय पर साझा करें, ताकि एलपीजी से संबंधित भ्रांतियों का समाधान किया जा सके।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर, 2000 के तहत राज्य सरकारों को जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार दिया गया है।"
इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसे आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई की निगरानी और नियंत्रण में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। केंद्र सरकार ने इस संदर्भ में कई पत्र और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्यों को निर्देश दिए हैं।
इस बीच, विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। हाल ही में एक दिन में 3,700 से अधिक छापे मारे गए हैं।
मंत्रालय ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों के अधिकारियों को आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके। अब तक 1,000 से अधिक एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं और 27 डिस्ट्रीब्यूटर को निलंबित किया गया है।
राज्यों को यह भी कहा गया है कि वे रोजाना प्रेस ब्रीफिंग को नियमित करें, जनता के लिए एडवाइजरी जारी करें, हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित करें, सोशल मीडिया पर फेक न्यूज पर नजर रखें और जिला प्रशासन के माध्यम से सख्त कार्रवाई जारी रखें।
इसके अलावा, राज्यों को अपने क्षेत्र में कमर्शियल एलपीजी आवंटन आदेश जारी करने, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) को तेजी से बढ़ाने, पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने और वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि शुक्रवार को एलपीजी सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग 95 प्रतिशत तक पहुंच गई, और लगभग 51 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की गई।