बेंगलुरु हत्याकांड: सीसीटीवी में कैद हुए दो पुलिसकर्मी, हमला देख बिना रुके निकल गए
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के जेपी नगर में 29 जून 2026 को दिनदहाड़े हुई एक हिस्ट्रीशीटर की हत्या के दौरान दो वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के घटनास्थल से गुजरने और बिना किसी हस्तक्षेप के आगे बढ़ जाने का कथित सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद व्यापक जनाक्रोश फैल गया है। वायरल वीडियो में एक पुरुष कॉन्स्टेबल और एक महिला कॉन्स्टेबल मोटरसाइकिल पर सवार दिख रहे हैं, जो हमले के वक्त मौके पर मौजूद थे। पुलिस विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
मुख्य घटनाक्रम
सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैले इस वीडियो में देखा जा सकता है कि जेपी नगर के एक चौराहे पर हथियारबंद हमलावरों का एक समूह राजू उर्फ हलमुर्का पर हमला कर रहा था, तभी दोनों वर्दीधारी कर्मी मोटरसाइकिल धीमी करते हुए आए और पीड़ित की मदद किए बिना ही वहाँ से चले गए। यह फुटेज कथित तौर पर घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे से लिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों कर्मियों के आचरण की जाँच की जा रही है और उनकी पहचान के प्रयास जारी हैं। साथ ही वीडियो की प्रामाणिकता की भी पड़ताल की जा रही है।
पीड़ित की पृष्ठभूमि
मृतक राजू उर्फ हलमुर्का के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश और डकैती सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वह सुब्रमण्यपुरा डबल मर्डर केस में भी आरोपी था। हालाँकि, पुलिस के अनुसार हाल के वर्षों में उसके खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ था।
जाँच की दिशा
हत्याकांड की जाँच के लिए पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित की हैं। प्रारंभिक जाँच में यह माना जा रहा है कि वारदात बदले की भावना से की गई एक पूर्व नियोजित साजिश थी। पुलिस 'स्टैंड कुट्टी' नामक बदमाश के साथियों से संभावित संबंध की भी जाँच कर रही है, जिसके इस मामले से जुड़े होने का संदेह है। पुरानी गैंग प्रतिद्वंद्विता और आपराधिक नेटवर्क भी जाँच के दायरे में हैं।
सरकार और विभाग की प्रतिक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ संभावित विभागीय कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। हालाँकि, पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बेंगलुरु में गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे।
आगे क्या होगा
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीनों विशेष टीमें सक्रिय हैं। वीडियो में दिख रहे दोनों पुलिसकर्मियों की पहचान होने के बाद विभागीय जाँच का दायरा तय होगा। यह मामला बेंगलुरु पुलिस की जवाबदेही और शहर में संगठित अपराध पर नियंत्रण की क्षमता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।