क्या भक्ति शर्मा ने महासागरों को पार करके भारत का नाम रोशन किया?
सारांश
Key Takeaways
- भक्ति शर्मा ने अंटार्कटिक महासागर में तैरकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।
- वह सबसे कम उम्र की एशियाई महिला हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
- भक्ति ने इंग्लिश चैनल पार करने वाली पहली मां-बेटी की जोड़ी बनने का रिकॉर्ड भी बनाया।
- उनके नाम सभी पांच महासागरों में तैराकी करने का रिकॉर्ड है।
- भक्ति शर्मा को 2010 में 'तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार' मिला।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत की प्रख्यात ओपन वॉटर तैराक भक्ति शर्मा ने वैश्विक स्तर पर देश का नाम उजागर किया है। भक्ति शर्मा ने केवल 52 मिनट में 1 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले अंटार्कटिक महासागर में 2.25 किलोमीटर तैरकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। वह पहली एशियाई महिला और सबसे कम उम्र की तैराक हैं जिन्होंने यह अद्वितीय उपलब्धि हासिल की।
30 नवंबर 1989 को मुंबई में जन्मी भक्ति शर्मा ने केवल ढाई वर्ष की आयु में तैराकी का आरंभ किया। उनकी मां लीना शर्मा ने उन्हें तैराकी की बुनियाद सिखाई। भक्ति शर्मा ने राज्य और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी पहचान बनाई।
साल 2003 में, भक्ति शर्मा ने 14 वर्ष की आयु में ओपन वॉटर तैराकी का पहला अनुभव लिया। उन्होंने उरण बंदरगाह से गेटवे ऑफ इंडिया तक 16 किलोमीटर तैराकी की। उनके नाम लंबी दूरी की तैराकी में कई विश्व रिकॉर्ड हैं।
14 वर्ष की आयु में, भक्ति शर्मा ने 800 और 1500 मीटर की सभी लंबी दूरी की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उनकी मां को उनकी क्षमताओं पर पूरा विश्वास था। उन्होंने भक्ति को इंग्लिश चैनल पार करने का सुझाव दिया।
भक्ति शर्मा ने अपनी मित्र प्रियंका गहलोत और मां लीना शर्मा के साथ इंग्लिश चैनल में तीन सदस्यीय महिला रिले टीम के माध्यम से तैराकी का एशियाई रिकॉर्ड बनाया। यह इंग्लिश चैनल पार करने वाली पहली मां-बेटी की जोड़ी है, जिन्होंने 2008 में यह उपलब्धि हासिल की।
जनवरी 2015 में भक्ति शर्मा ने अंटार्कटिक महासागर में 1 डिग्री सेल्सियस तापमान में 2.3 किलोमीटर तैरकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। इस प्रकार उन्होंने अमेरिका की लिन कॉक्स और इंग्लैंड की लुईस पुघ के रिकॉर्ड को तोड़ा।
भक्ति शर्मा अंटार्कटिक महासागर में ओपन स्विमिंग में रिकॉर्ड बनाने वाली पहली एशियाई महिला और दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला हैं। उनके नाम सभी पांच महासागरों में तैराकी करने का भी रिकॉर्ड है। उन्हें 2010 में 'तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था।