क्या भारत से ट्रेड डील पर और बातचीत की आवश्यकता है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारत से ट्रेड डील पर और बातचीत की आवश्यकता है?

सारांश

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में प्रगति की आवश्यकता है। अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए और बातचीत की जरूरत है। क्या इस समझौते से दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर होंगे? जानिए इस महत्वपूर्ण विषय पर ताजा जानकारी।

मुख्य बातें

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में अधिक बातचीत आवश्यक है।
भारत ने अपने बाजार के कुछ हिस्सों को खोलने में गहरी रुचि दिखाई है।
अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि उन्हें भारत के साथ और बातचीत की आवश्यकता है।
व्यापार समझौते से दोनों देशों के संबंध बेहतर हो सकते हैं।

नई दिल्ली, 29 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारत के साथ व्यापार समझौते को लेकर अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता करने के लिए अभी और बातचीत की आवश्यकता है।

यह बयान उस समय आया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा निर्धारित की गई रेसिप्रोकल टैरिफ छूट की समय सीमा १ अगस्त को समाप्त हो रही है।

सीएनबीसी के साथ एक इंटरव्यू में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि वाशिंगटन को नई दिल्ली के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए और बातचीत की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, "हम अपने भारतीय समकक्षों के साथ बातचीत जारी रखने के लिए तत्पर हैं, हमने उनके साथ हमेशा सकारात्मक दिशा में चर्चा की है।"

ग्रीर ने कहा कि भारत ने अपने बाजार के कुछ हिस्सों को खोलने में गहरी रुचि दिखाई है।

उन्होंने कहा, "हम निश्चित रूप से उनके (भारत) साथ बातचीत जारी रखने के लिए तैयार हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने भारतीय मित्रों के साथ इस पर कुछ और बातचीत करनी चाहिए ताकि यह देखा जा सके कि वे कितने महत्वाकांक्षी होना चाहते हैं।"

उन्होंने यह भी कहा, "भारत के साथ समझने वाली बात यह है कि उनकी व्यापार नीति लंबे समय से अपने घरेलू बाजार की मजबूती से रक्षा करने पर आधारित रही है।"

उन्होंने यह कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता करने की चीन की इच्छा एक अच्छा संकेत है, लेकिन उन्हें किसी बड़ी सफलता की उम्मीद नहीं है।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पहले ही कह चुके हैं कि 26 प्रतिशत टैरिफ से बचने के लिए भारत-अमेरिका में एक समझौता हो सकता है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी पिछले हफ्ते कहा था कि अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, "मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकती कि द्विपक्षीय व्यापार अच्छा है या बुरा, लेकिन हम द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं। अमेरिका के साथ यूरोपीय संघ से भी बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है।"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि अमेरिका भारत के साथ एक व्यापार समझौते के बहुत करीब है और यह जल्द ही पूरा हो सकता है।

उन्होंने इस महीने की शुरुआत में कहा था, "हम भारत के साथ एक समझौते के बहुत करीब हैं, जिसके तहत वे अमेरिका से आयात के लिए अपना बाजार खोलेंगे।"

ट्रंप ने भारत को वह टैरिफ नोटिस नहीं भेजा है जो कई देशों को भेजा गया था, जिसमें १ अगस्त तक समझौता पूरा न करने पर व्यापार के आधार पर ३५ प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की बात कही गई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का महत्व अत्यधिक है। एक सफल व्यापार समझौता न केवल दोनों देशों के आर्थिक विकास में सहायक होगा, बल्कि वैश्विक व्यापार में भी स्थिरता लाएगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी राष्ट्रीय हितों की रक्षा के साथ-साथ दोनों देशों के बीच संबंध भी मजबूत हों।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है।
क्या अमेरिका भारत पर टैरिफ बढ़ा सकता है?
अमेरिका ने भारत को टैरिफ नोटिस नहीं भेजा है, लेकिन व्यापार वार्ता के सफल न होने पर टैरिफ बढ़ने की संभावना बनी रहती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले