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क्या भारत के विज्ञापन बाजार की हिस्सेदारी 2029 तक जीडीपी में 0.5 प्रतिशत पहुंचेगी?

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क्या भारत के विज्ञापन बाजार की हिस्सेदारी 2029 तक जीडीपी में 0.5 प्रतिशत पहुंचेगी?

सारांश

भारत के विज्ञापन बाजार की वैल्यू 2024 में 16-18 अरब डॉलर होने का अनुमान है। यह जीडीपी में 0.4 प्रतिशत का योगदान देती है, जो 2029 तक 0.5 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। जानिए इस रिपोर्ट में और क्या कहा गया है।

मुख्य बातें

भारत का विज्ञापन बाजार 2024 में 16-18 अरब डॉलर होगा।
डिजिटल विज्ञापन का योगदान 50-60 प्रतिशत है।
2029 तक जीडीपी में योगदान 0.5 प्रतिशत होने का अनुमान।
उपभोक्ता मोबाइल पर 4.8 घंटे बिता रहे हैं।
एसएमई और डी2सी ब्रांड्स का बढ़ता योगदान।

नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विज्ञापन बाजार की वैल्यू 2024 में 16-18 अरब डॉलर होने का अनुमान है और इसका जीडीपी में योगदान वर्तमान में 0.4 प्रतिशत है। यह आने वाले समय में 10-15 प्रतिशत की कपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) से बढ़ने की संभावना है, जिससे 2029 में इसका अर्थव्यवस्था में योगदान 0.5 प्रतिशत हो जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।

बेन एंड कंपनी के अनुसार, डिजिटल विज्ञापन भारत के कुल विज्ञापन खर्च का 50-60 प्रतिशत योगदान करता है और 2029 तक इसके 15 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़कर 17-19 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वृद्धि बढ़ती निजी खपत, उच्च डिजिटल खपत, ओटीटी का तेजी से अपनाना और हाई-स्पीड इंटरनेट कवरेज के विस्तार से प्रेरित है।

लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) और डायरेक्ट टू कंज्यूमर (डी2सी) ब्रांड भारत की डिजिटल विज्ञापन अर्थव्यवस्था के प्रमुख चालक के रूप में उभर रहे हैं। देश के डिजिटल विज्ञापन खर्च में उनका योगदान 2020 में 35 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 37 प्रतिशत हो गया है और 2029 तक 40-42 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।

बेन एंड कंपनी के पार्टनर प्रभाव कश्यप ने कहा, "मोबाइल आधारित उपभोग में वृद्धि, वीडियो फॉर्मैट का तेजी से विकास और विज्ञापन प्रक्रिया के हर चरण में एआई का एकीकरण, ब्रांडों के उपभोक्ताओं से जुड़ने के तरीके को नया रूप दे रहा है।"

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वैश्विक विज्ञापन बाजार भी ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है, और 2029 तक डिजिटल विज्ञापन कुल विज्ञापन खर्च का 80-85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।

रिपोर्ट में कहा गया, "वैश्विक बाजार, जिसका आकार 2024 में 1 ट्रिलियन डॉलर है, 2029 तक वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के 1 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा, जो विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं, दोनों में आर्थिक विकास को पीछे छोड़ देगा।"

रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता विभिन्न उपकरणों और प्लेटफार्मों पर अधिक समय बिता रहे हैं। 2023 में भारत में हर व्यक्ति प्रति दिन मोबाइल पर 4.8 घंटे बिताता है, जो कि 2019 में 3.7 घंटे से अधिक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत का विज्ञापन बाजार तेजी से विकास कर रहा है। यह डिजिटल प्लेटफार्मों पर निर्भरता और उपभोक्ता की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है। भारत की अर्थव्यवस्था में इस क्षेत्र का योगदान भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण होता जाएगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत के विज्ञापन बाजार की वैल्यू क्या है?
भारत के विज्ञापन बाजार की वैल्यू 2024 में 16-18 अरब डॉलर होने का अनुमान है।
डिजिटल विज्ञापन का योगदान क्या है?
डिजिटल विज्ञापन भारत के कुल विज्ञापन खर्च का 50-60 प्रतिशत योगदान करता है।
2029 तक जीडीपी में योगदान कितना होगा?
2029 में भारत के विज्ञापन बाजार का जीडीपी में योगदान 0.5 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।
डिजिटल विज्ञापन में कौन से ब्रांड्स प्रमुख हैं?
लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) और डायरेक्ट टू कंज्यूमर (डी2सी) ब्रांड्स प्रमुख हैं।
उपभोक्ता मोबाइल पर कितना समय बिता रहे हैं?
2023 में भारत में हर व्यक्ति प्रति दिन मोबाइल पर 4.8 घंटे बिताता है।
राष्ट्र प्रेस
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