क्या भारत में बढ़ती आय के चलते घर खरीदना अफोर्डेबल हो रहा है?

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क्या भारत में बढ़ती आय के चलते घर खरीदना अफोर्डेबल हो रहा है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि भारत में आय में वृद्धि के चलते घर खरीदना अब और भी किफायती हो गया है? नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, प्राइस-टू-इनकम रेश्यो में सुधार से आवासीय बाजार में सकारात्मक बदलाव आया है। जानें इस रिपोर्ट के प्रमुख तथ्य और क्या है इसके पीछे का कारण।

Key Takeaways

  • प्राइस-टू-इनकम रेश्यो में सुधार
  • औसत आय में चार गुना वृद्धि
  • घर की कीमतों में मामूली वृद्धि
  • आवासीय क्षेत्र में नीतिगत परिवर्तन
  • महामारी के बाद बिक्री में बढ़ोतरी

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत में तेजी से बढ़ती आय के कारण, घर खरीदना पिछले 1.5 दशक की तुलना में काफी अफोर्डेबल हो गया है। इस अवधि में, देश का प्राइस-टू-इनकम रेश्यो 2025 में 45.3 हो गया है, जबकि 2010 में यह 88.5 पर था। यह जानकारी बुधवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दी गई।

कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस समय के दौरान देश में औसत आय में चार गुना वृद्धि हुई है और यह लगभग 10 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ रही है, जबकि इस अवधि में घरों की कीमत में केवल 5-7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह दर्शाता है कि घर पहले की तुलना में काफी किफायती हो गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सुधार आवासीय क्षेत्र में नीतिगत परिवर्तनों, आर्थिक झटकों और नए नियमों के कारण विभिन्न उतार-चढ़ावों के बावजूद आया है।

पिछले दो दशकों में, बाजार ने पीएमएवाई, विमुद्रीकरण, रेरा, एनबीएफसी संकट, एसडब्ल्यूएएमआईएच फंडिंग सपोर्ट और जीएसटी कार्यान्वयन जैसे प्रमुख घटनाक्रमों का सामना किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, देश में घरों की बिक्री भी मजबूत बनी हुई है। कोरोना महामारी के बाद घरों की वार्षिक बिक्री बढ़कर 3-4 लाख यूनिट्स हो गई है। इसकी वजह बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, अफोर्डेबिलिटी में वृद्धि, अच्छी मौद्रिक नीति और आय का बढ़ना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिक्री की मजबूत गति को आय में लगातार वृद्धि का समर्थन प्राप्त है, जो संपत्ति की कीमतों में वृद्धि से कहीं अधिक है।

कोलियर्स इंडिया के सीईओ और एमडी बादल याज्ञनिक के अनुसार, अनुकूल ब्याज दरों और उच्च आय स्तर के कारण आवास की मांग मजबूत बनी हुई है।

याज्ञनिक ने कहा, "हालांकि कच्चे माल की लागत ने हाल के वर्षों में आवास की कीमतों को बढ़ा दिया है, लेकिन आय में तेज वृद्धि ने खरीदारों को गति बनाए रखने में सहायता की है।"

आठ प्रमुख टियर-I शहरों में, 2010 के बाद से अफोर्डेबिलिटी के स्तर में तेजी से सुधार हुआ है।

अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे शहर सबसे किफायती आवासीय बाजारों में से एक बनकर उभरे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रमुख निर्माण सामग्रियों पर जीएसटी दरों के कम होने से विशेष रूप से किफायती और मध्यम आय वर्ग के आवास क्षेत्रों में सेंटीमेंट में और सुधार होने की उम्मीद है।

Point of View

यह रिपोर्ट भारत की आवासीय बाजार में एक महत्वपूर्ण मोड़ दर्शाती है। तेज आय वृद्धि और नीति सुधारों ने घरों को खरीदने में आसानी प्रदान की है, जो कि देश की आर्थिक प्रगति का एक संकेत है।
NationPress
14/02/2026

Frequently Asked Questions

भारत में घर खरीदने की प्रक्रिया क्या है?
घर खरीदने की प्रक्रिया में स्थान चयन, वित्त पोषण, और कानूनी दस्तावेज़ों की तैयारी शामिल होती है।
क्या बढ़ती आय के कारण घर खरीदना आसान हो गया है?
हां, बढ़ती आय के कारण घर खरीदना अधिक अफोर्डेबल हो गया है, जैसा कि रिपोर्ट में दर्शाया गया है।
क्या किफायती आवास की मांग बढ़ी है?
जी हां, किफायती आवास की मांग में वृद्धि हुई है, विशेष रूप से बड़े शहरों में।
क्या कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट विश्वसनीय है?
कोलियर्स इंडिया एक प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कंसल्टेंसी है, जिसकी रिपोर्ट्स को आमतौर पर विश्वसनीय माना जाता है।
क्या सरकार ने इस क्षेत्र में कोई मदद की है?
जी हां, सरकार ने पीएमएवाई जैसे कई योजनाओं के तहत सहायता प्रदान की है।
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