कांग्रेस सेवादल का एक्स अकाउंट भारत में बैन, राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 10 अक्टूबर को आरोप लगाया कि कांग्रेस सेवादल के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को भारत में बैन कर दिया गया है। कांग्रेस ने यह जानकारी स्वयं एक्स पर पोस्ट के माध्यम से साझा की और केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
क्या है पूरा मामला
कांग्रेस ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि कांग्रेस सेवादल का आधिकारिक अकाउंट भारत में बैन किया गया है। पार्टी ने इसे 'सारी हदें पार करना' बताते हुए सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने का आरोप मढ़ा। गौरतलब है कि सेवादल कांग्रेस का एक प्रमुख स्वयंसेवी संगठन है, जिसकी स्थापना दशकों पुरानी है।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और सोशल मीडिया पर सरकार की कार्रवाइयों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ है। केंद्र सरकार की ओर से इस बैन के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राहुल गांधी के तीखे बोल
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'सरकार ने भारत के लोकतंत्र की बुनियाद को तबाह कर दिया है — चुनाव चोरी और जनता की आवाज़ कुचलकर।' उन्होंने नई दिल्ली में कथित तौर पर इंटरनेट बंद होने, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसा का भी उल्लेख किया।
राहुल ने कहा कि वे एक दशक से भी अधिक समय से इस सरकार से जुड़े लोगों के खिलाफ लड़ रहे हैं और अपने विरोधियों को 'अंदर तक जानते हैं।' उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा — 'जितनी पुलिस बुलानी है, बुला लीजिए — 10 हज़ार, 20 हज़ार, 50 हज़ार — हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।'
युवाओं और छात्रों पर हमले का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि जिन युवाओं और छात्रों पर कथित तौर पर हमला हुआ है, उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हिंदुस्तान के युवाओं, मुझे आप पर गर्व है — अपना विरोध जारी रखिए।' यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में छात्र आंदोलनों की खबरें सामने आ रही हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि हमलावरों को कड़ा जवाब दिया जाएगा और संविधान पर हमला करने वाली ताकतों को शिकस्त मिलेगी। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्र सरकार की ओर से 10 अक्टूबर तक कांग्रेस सेवादल के एक्स अकाउंट बैन के संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) प्लेटफॉर्म ने भी इस मामले में कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया। भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत सरकार के पास सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने का अधिकार है, परंतु इस विशेष मामले में आधिकारिक आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर उठाएगी। राहुल गांधी के बयानों से स्पष्ट है कि पार्टी इसे आगामी राजनीतिक अभियान का केंद्रीय मुद्दा बनाने की तैयारी में है। विपक्षी एकता और सोशल मीडिया पर सरकारी कार्रवाई का यह विवाद निकट भविष्य में और गहरा हो सकता है।