10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारतीय नौसेना का पहला ट्रेनिंग स्क्वाड्रन सिंगापुर पहुंचा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारतीय नौसेना का पहला ट्रेनिंग स्क्वाड्रन सिंगापुर पहुंचा?

सारांश

भारतीय नौसेना का पहला ट्रेनिंग स्क्वाड्रन 15 जनवरी को सिंगापुर पहुंचा है। इस महत्वपूर्ण दौरे का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा एवं सहयोग को बढ़ाना है। भारत और सिंगापुर के बीच होने वाली गतिविधियों में प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल हैं।

मुख्य बातें

भारतीय नौसेना का पहला ट्रेनिंग स्क्वाड्रन सिंगापुर पहुंचा।
इसमें प्रमुख जहाज शामिल हैं।
दौरे का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा और सहयोग को बढ़ाना है।
संरचित प्रशिक्षण विनिमय और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना का पहला ट्रेनिंग स्क्वाड्रन (आईटीएस) 15 जनवरी को सिंगापुर के चांगी नेवल बेस पहुंचा। इस स्क्वाड्रन में आईएनएस तिर, आईएनएस शार्दुल, आईएनएस सुजाता और इंडियन कोस्ट गार्ड शिप सारथी शामिल हैं। यह दक्षिण पूर्व एशिया में लंबी दूरी की ट्रेनिंग डिप्लॉयमेंट का हिस्सा है, जो दक्षिण पूर्व हिंद महासागर क्षेत्र में चल रही है।

यह दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्ष 2026 को भारत और आसियान ने 'आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान भारत और सिंगापुर की नौसेनाएं अपनी क्षमता बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा और सहयोग को मजबूत करने के लिए अनेक गतिविधियाँ कर रही हैं। दोनों पक्षों के प्रशिक्षु अधिकारियों के बीच संरचित प्रशिक्षण विनिमय, संयुक्त योग सत्र और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इंडियन नेवल बैंड सिंगापुर की प्रमुख जगहों पर प्रदर्शन करेगा। जहाजों पर स्कूली बच्चों के लिए दौरा भी रखा गया है, ताकि वे नौसेना की जिंदगी देख सकें। स्क्वाड्रन के पहुंचने पर भारत के हाई कमिश्नर डॉ. शिल्पक अंबुले ने प्रशिक्षुओं से मुलाकात की और मैरीटाइम ट्रेनिंग एंड डॉक्ट्रिन कमांड के कमांडर से बातचीत की। इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर की टीम ने भी पेशेवर अनुभव साझा किए।

दूसरे दिन सामुदायिक कार्यक्रम, सिंगापुर नौसेना के साथ बातचीत, इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर और आरएसएन म्यूजियम का दौरा, खेल प्रतियोगिताएँ और श्री नारायण ओल्ड एज एंड नर्सिंग होम में आउटरीच गतिविधियाँ हुईं। यह दौरा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को मजबूत करता है और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ समुद्री साझेदारी को बढ़ाता है।

इसके अलावा, यह इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम (आईओएनएस) में भारत की नेतृत्व क्षमता और महासागर दृष्टि के अनुसार समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। स्क्वाड्रन आगे इंडोनेशिया और थाईलैंड भी जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय नौसेना का पहला ट्रेनिंग स्क्वाड्रन कब सिंगापुर पहुंचा?
भारतीय नौसेना का पहला ट्रेनिंग स्क्वाड्रन 15 जनवरी को सिंगापुर पहुंचा।
इस स्क्वाड्रन में कौन-कौन से जहाज शामिल हैं?
इस स्क्वाड्रन में आईएनएस तिर, आईएनएस शार्दुल, आईएनएस सुजाता और इंडियन कोस्ट गार्ड शिप सारथी शामिल हैं।
इस दौरे का उद्देश्य क्या है?
इस दौरे का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा और सहयोग को बढ़ाना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले