क्या भारतीय नौसेना के युद्धपोत ‘तमाल’ और ‘सूरत’ सऊदी अरब पहुंचे?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत आईएनएस तमाल और आईएनएस सूरत सऊदी अरब के शहर जेद्दा पहुंच गए हैं। ये युद्धपोत यहाँ रॉयल सऊदी नेवल फोर्सेज और सऊदी बॉर्डर गार्ड्स के साथ विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और अन्य गतिविधियों में भाग लेंगे। भारतीय नौसेना के अनुसार, यह यात्रा भारत और सऊदी अरब के बीच रक्षा सहयोग और मित्रता को और मजबूत बनाने का प्रतीक है। दोनों नौसेनाएं इस अवसर पर अपने अनुभव साझा करेंगी और भविष्य में और सहयोग के रास्ते खोजेंगी। इस दौरे से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग, सुरक्षा और साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र में भारत-सऊदी के बीच यह एक महत्वपूर्ण सहयोग है।
आईएनएस सूरत एक अत्याधुनिक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर है, जो भारतीय नौसैनिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। वहीं, आईएनएस तमाल भारतीय नौसेना का नवीनतम युद्धपोत है, जिसे १ जुलाई को कमीशन किया गया था। यह युद्धपोत ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से लैस है।
युद्धपोत तमाल में वर्टिकल लॉन्च सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें हैं। यह उन्नत १०० मिमी गन, अत्याधुनिक सिस्टम, हेवीवेट टॉरपीडो और त्वरित हमले के लिए एंटी-सबमरीन रॉकेट से भी लैस है। जेद्दा में पोर्ट कॉल के दौरान भारतीय नौसैनिक दल, रॉयल सऊदी नेवल फोर्सेज और बॉर्डर गार्ड्स के साथ खेल प्रतिस्पर्धाओं और मित्रवत संपर्क कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
भारतीय नौसेना का कहना है कि इस दौरान भारतीय दल सऊदी नौसैनिक अड्डों का फैमिलियराइजेशन टूर करेगा। आपसी सहयोग को और गहरा करने के लिए चर्चा और विचार-विमर्श का आयोजन किया जाएगा। भारतीय पक्ष द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सऊदी नौसेना और बॉर्डर गार्ड्स के वरिष्ठ अधिकारी, राजनयिक, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्य शामिल होंगे।
भारतीय नौसेना का नवीनतम युद्धपोत आईएनएस तमाल हाल ही में इटली के नेपल्स बंदरगाह से विदा हुआ था। रूस में बना यह अत्याधुनिक भारतीय युद्धपोत १३ से १६ अगस्त तक इटली में रहा, जहाँ इसने नेपल्स बंदरगाह का दौरा किया। अब अपनी भारत यात्रा के दौरान यह युद्धपोत एशिया के कुछ अन्य बंदरगाहों की यात्रा करेगा। एशिया और यूरोपीय देशों की यात्रा पूरी कर यह युद्धपोत भारत लौटेगा। नौसेना का मानना है कि भारतीय युद्धपोत की इस समुद्री यात्रा से कूटनीति और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी।