क्या भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ? बैंकिंग शेयरों पर दबाव रहा

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क्या भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ? बैंकिंग शेयरों पर दबाव रहा

सारांश

बाजार में गिरावट के पीछे मुख्य कारण बैंकिंग शेयरों की कमजोरी है। जानिए किस तरह के शेयरों ने बाजार पर असर डाला और विशेषज्ञों की क्या राय है।

मुख्य बातें

बैंकिंग शेयरों में गिरावट ने बाजार को प्रभावित किया।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए।
बाजार में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आने वाले सत्र बहुत महत्वपूर्ण रहेंगे।
बिकवाली का दबाव बनी हुई है।

मुंबई, २४ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। बाजार के अधिकांश सूचकांक लाल निशान में रहे। कारोबार के अंत में सेंसेक्स ३४४.५२ अंक या ०.४१ प्रतिशत की गिरावट के साथ ८४,२११.८८ और निफ्टी ९६.२५ अंक या ०.३७ प्रतिशत की कमजोरी के साथ २५,७९५.१५ पर था।

बाजार में गिरावट का मुख्य कारण बैंकिंग शेयरों की कमजोरी थी। निफ्टी बैंक ०.६५ प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, एफएमसीजी, मीडिया, प्राइवेट बैंक और इन्फ्रा इंडेक्स भी लाल निशान में बंद रहे। हालांकि, मेटल, रियल्टी, एनर्जी और कमोडिटीज हरे निशान में थे।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स १४० अंक या ०.२४ प्रतिशत की तेजी के साथ ५९,२३१.२० और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ०.२१ प्रतिशत या ३८.१० अंक की गिरावट के साथ १८,२५३.३५ पर था।

सेंसेक्स पैक में भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, बीईएल, सन फार्मा, आईटीसी, टाटा स्टील, एमएंडएम और ट्रेंट टॉप गेनर्स थे। वहीं, एचयूएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी और एसबीआई शीर्ष हानिकारक शेयर थे।

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र था, जब बाजार बुलिश टोन के बाद गिरावट के साथ बंद हुआ, जो यह दर्शाता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि बाजार की मौजूदा संरचना बताती है कि किसी भी नए संकेत के अभाव में ट्रेडर्स सतर्क बने हुए हैं। आने वाले सत्र काफी महत्वपूर्ण होंगे, जो बताएंगे कि यह एक छोटी अवधि की कमजोरी है या एक बड़ा कंसोलिडेशन है।

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट हुई थी। सुबह करीब ९ बजकर ३२ मिनट पर सेंसेक्स ६२.३१ अंक या ०.०७ प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ८४,४९४.०९ स्तर पर था। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स ८.४५ अंक या ०.०३ प्रतिशत की गिरावट के साथ २५,८८२.९५ स्तर पर था।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कह सकता हूं कि वर्तमान में भारतीय शेयर बाजार में जो गिरावट आई है, वह एक गंभीर संकेत है। यह दर्शाता है कि निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और बाजार के संकेतों पर ध्यान देना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय शेयर बाजार क्यों गिरा?
भारतीय शेयर बाजार की गिरावट का मुख्य कारण बैंकिंग शेयरों में कमजोरी थी।
क्या आने वाले दिनों में बाजार में सुधार होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सत्र महत्वपूर्ण होंगे, जो बाजार की दिशा तय करेंगे।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और बाजार के संकेतों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस