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क्या भारतीय वायुसेना ने श्रीलंका में आपदा प्रभावित क्षेत्र से 45 नागरिकों और 57 सेना के जवानों को एयरलिफ्ट किया?

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क्या भारतीय वायुसेना ने श्रीलंका में आपदा प्रभावित क्षेत्र से 45 नागरिकों और 57 सेना के जवानों को एयरलिफ्ट किया?

सारांश

भारत ने श्रीलंका में चलाए गए ऑपरेशन सागरबंधु के तहत 45 नागरिकों और 57 सेना के जवानों को सुरक्षित निकाला। जानें कैसे भारतीय वायुसेना ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों की मदद की। यह एक प्रेरणादायक कहानी है।

मुख्य बातें

ऑपरेशन सागरबंधु के तहत भारतीय वायुसेना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कोटमाले क्षेत्र में भूस्खलन के कारण फंसे लोगों को निकाला गया।
57 श्रीलंकाई सेना के जवानों को भी सहायता के लिए एयरलिफ्ट किया गया।

नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। श्रीलंका में तूफान दित्वाह द्वारा उत्पन्न संकट से प्रभावित लोगों की मदद के लिए ऑपरेशन सागरबंधु का संचालन किया गया है। इस अभियान के दौरान, भारतीय वायुसेना ने श्रीलंकाई अधिकारियों के सहयोग से भूस्खलन से प्रभावित कोटमाले क्षेत्र से 45 लोगों की जान बचाई। यह क्षेत्र पूरी तरह से अलग-थलग था और संपर्क टूट गया था।

भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने पूरे दिन 45 फंसे हुए लोगों को निकाला, जिनमें 6 गंभीर रूप से घायल और 4 बच्चे शामिल थे। उन्हें सुरक्षित रूप से कोलंबो पहुंचाया गया। बचाए गए लोगों में 12 भारतीय नागरिक और कई अन्य देशों के लोग भी थे।

भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन को मजबूती प्रदान करने के लिए 57 श्रीलंकाई सेना के जवानों को भी प्रभावित इलाके में एयरलिफ्ट किया ताकि रेस्क्यू और सफाई के कामों में मदद मिल सके।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि भारत के ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टरों ने श्रीलंका में फंसे लोगों को निकाला, जिनमें जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, स्लोवेनिया और यूनाइटेड किंगडम के नागरिक शामिल थे।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भारतीय वायुसेना ने कहा कि उनके हेलीकॉप्टरों ने एक प्रतिबंधित क्षेत्र से फंसे यात्रियों के निकाले के लिए एक हाइब्रिड बचाव अभियान चलाया।

एक गरुड़ कमांडो के समूह को कोटमाले के एक पूर्व-निर्धारित हेलिपैड पर उतारा गया, जहाँ से 24 यात्रियों, जिनमें भारतीय भी शामिल थे, को कोलंबो पहुंचाया गया। इसी क्रम में तीन गंभीर रूप से घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए कोलंबो भेजा गया।

वायुसेना के अनुसार, श्रीलंका के कोटमाले क्षेत्र में भूस्खलन और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण यात्री एक प्रतिबंधित क्षेत्र में फंस गए थे। भारतीय वायुसेना ने इन लोगों को निकालने के लिए एक हाइब्रिड रेस्क्यू मिशन संचालित किया। गरुड़ कमांडो ने विंच की सहायता से हेलीकॉप्टर से नीचे उतरकर यात्रियों को रेस्क्यू किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि हमारे देश की वायुसेना ने मानवीय सहायता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि संकट के समय मानवता की सेवा सबसे महत्वपूर्ण है। हमारी वायुसेना ने न केवल भारतीय नागरिकों बल्कि अन्य देशों के नागरिकों की भी मदद की।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सागरबंधु क्या है?
ऑपरेशन सागरबंधु भारतीय वायुसेना द्वारा संचालित एक राहत अभियान है, जिसका उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की सहायता करना है।
कितने लोगों को एयरलिफ्ट किया गया?
भारतीय वायुसेना ने इस ऑपरेशन के दौरान 45 नागरिकों और 57 सेना के जवानों को एयरलिफ्ट किया।
कौन से क्षेत्र में यह ऑपरेशन किया गया?
यह ऑपरेशन श्रीलंका के कोटमाले क्षेत्र में किया गया, जो भूस्खलन से प्रभावित था।
राष्ट्र प्रेस
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