भारतीय नौसेना का नवीनतम युद्धपोत तारागिरी, खतरों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार

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भारतीय नौसेना का नवीनतम युद्धपोत तारागिरी, खतरों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार

सारांश

भारतीय नौसेना को 3 अप्रैल को एक और शक्तिशाली स्टील्थ युद्धपोत, ‘तारागिरी’ मिल रहा है। यह युद्धपोत अत्याधुनिक मिसाइलों से लैस है और खतरों का तुरंत जवाब देने की क्षमता रखता है। जानें इसके विशेषताएँ और महत्व।

Key Takeaways

  • तारागिरी युद्धपोत 3 अप्रैल को कमीशन किया जाएगा।
  • यह सुपरसोनिक मिसाइलों से सुसज्जित है।
  • यह 6,670 टन का है और स्वदेशी इंजीनियरिंग का प्रतीक है।
  • इसमें पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली भी है।
  • दूनागिरी, पिछले 16 महीनों में शामिल होने वाला पाचवां पी17ए युद्धपोत है।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना को एक और अत्याधुनिक स्टील्थ युद्धपोत, ‘तारागिरी’ प्राप्त होने वाला है। मंगलवार को जारी जानकारी के अनुसार, इस युद्धपोत को 3 अप्रैल को कमीशन किया जाएगा।

विशाखापत्तनम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा युद्धपोत ‘तारागिरी’ को नौसेना में शामिल किया जाएगा। यह युद्धपोत सुपरसोनिक मिसाइलों से सुसज्जित है, जो सतह से सतह पर हमले की क्षमता रखती हैं। इसमें मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और एक विशेष पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली भी शामिल है।

इसकी अत्याधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली के कारण, युद्धपोत का चालक दल पलक झपकते ही खतरों का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। इन युद्धक क्षमताओं के साथ-साथ, तारागिरी मानवता के संकट के समय आपदा राहत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसकी अनुकूल मिशन प्रोफाइल इसे उच्च तीव्रता वाले युद्ध से लेकर मानवता सहायता और आपदा राहत तक हर स्थिति के लिए उपयुक्त बनाती है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह युद्धपोत एक अत्यंत शक्तिशाली प्लेटफॉर्म है। तारागिरी का वजन 6,670 टन है और यह स्वदेशी शिपयार्डों की उन्नत इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रतीक है।

यह युद्धपोत मुंबईमझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा निर्मित किया गया है और अपने पूर्ववर्ती डिज़ाइन की तुलना में एक पीढ़ीगत विकास को दर्शाता है। इसके निर्माण में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि 30 मार्च को ही भारतीय नौसेना में युद्धपोत दूनागिरी को शामिल किया गया है। यह एक बहुपरकार का बहु-मिशन प्लेटफॉर्म है, जिसे समुद्री क्षेत्र में वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है।

दूनागिरी, पूर्व में भारतीय नौसेना के बेड़े का हिस्सा रहे लिएंडर श्रेणी के फ्रिगेट आईएनएस दूनागिरी का नवीनतम रूप है। यह अत्याधुनिक फ्रिगेट नौसेना के डिज़ाइन, स्टील्थ, मारक क्षमता, स्वचालन और उत्तरजीविता में अभूतपूर्व प्रगति का प्रतीक है। अन्य कई युद्धपोतों की तुलना में इसमें उन्नत हथियार और सेंसर लगे हुए हैं। ये युद्धपोत संयुक्त डीजल या गैस (सीओडीओजी) प्रणोदन संयंत्रों से सुसज्जित हैं। साथ ही इसमें पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए रॉकेट और टॉरपीडो शामिल हैं। दूनागिरी, पिछले 16 महीनों में भारतीय नौसेना को सौंपे जाने वाला पांचवां पी17ए युद्धपोत है।

Point of View

‘तारागिरी’ का कमीशन होना न केवल सैन्य क्षमता में वृद्धि का प्रतीक है, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह युद्धपोत स्वदेशी इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

तारागिरी युद्धपोत कब कमीशन किया जाएगा?
तारागिरी युद्धपोत को 3 अप्रैल को कमीशन किया जाएगा।
तारागिरी युद्धपोत की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
यह युद्धपोत सुपरसोनिक मिसाइलों और पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली से लैस है।
इस युद्धपोत का निर्माण किसने किया है?
यह युद्धपोत मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा निर्मित किया गया है।
तारागिरी का वजन क्या है?
तारागिरी का वजन 6,670 टन है।
दूनागिरी युद्धपोत कब भारतीय नौसेना में शामिल किया गया?
दूनागिरी को 30 मार्च को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
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