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क्या चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाना निंदनीय है? : भीम सिंह

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क्या चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाना निंदनीय है? : भीम सिंह

सारांश

भाजपा सांसद भीम सिंह ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर तीखा हमला किया है, आरोप लगाते हुए कि उन्होंने निर्वाचन आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यह निंदनीय है और संविधान का उल्लंघन है। जानिए इस विवाद के पीछे की सच्चाई और भीम सिंह के विचार।

मुख्य बातें

भीम सिंह ने निर्वाचन आयोग के प्रति सम्मान की बात की।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बयानों की निंदा की।
कर्पूरी ठाकुर का अपमान नहीं होना चाहिए।
निर्वाचन आयोग ने हमेशा निष्पक्षता बनाए रखी है।
राजनीतिक नेताओं को संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान रखना चाहिए।

नई दिल्ली, 17 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के सांसद भीम सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव पर संविधान और निर्वाचन आयोग के खिलाफ गैर-संवैधानिक बयानबाजी का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है।

उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं द्वारा निर्वाचन आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाना निंदनीय और गलत है। 1952 से निर्वाचन आयोग देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाता आ रहा है और इस तरह की टिप्पणियां संवैधानिक संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं।

भीम सिंह ने कहा, "राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बयान संविधान के खिलाफ हैं। निर्वाचन आयोग ने हर बार निष्पक्षता के साथ चुनाव करवाए हैं। आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाना न केवल गलत है, बल्कि इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है।"

उन्होंने आगे कहा कि निर्वाचन आयोग को बाध्य होकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी, जिससे अब "दूध का दूध और पानी का पानी" हो गया है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को अपने बयान के लिए चुनाव आयोग से माफी मांगनी चाहिए। तेजस्वी यादव राहुल गांधी के पिछलग्गू बन गए हैं। इन दिनों तेजस्वी यादव खोए हुए से लग रहे हैं। राहुल को इस बारे में सोचना चाहिए और तेजस्वी को भी। क्या दोनों के बीच कोई वास्तविक संबंध है? गैर-कांग्रेसी नीति के तहत लालू यादव की राजनीतिक यात्रा शुरू हुई थी। आज लालू यादव और तेजस्वी यादव कांग्रेस के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रहे हैं।

भीम सिंह ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने आज बिहार का दौरा किया और खुद को बिहार का जननायक कहा। यह बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है और यह जननायक कर्पूरी ठाकुर का अपमान है। जब से कर्पूरी ठाकुर को जननायक की उपाधि दी गई थी, बिहार के लोगों विशेष रूप से भारत भर के गरीबों ने केवल उन्हें ही सच्चे जननायक के रूप में पहचाना है।

उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का जीवन सादगी, ईमानदारी और उच्च विचारों का प्रतीक था। गरीब परिवार में जन्म लेने के बावजूद वे बिहार के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बने, और उनके जीवन पर कभी कोई दाग नहीं लगा। कर्पूरी ठाकुर की तुलना राहुल गांधी से करना घोर निंदनीय है। राहुल गांधी और उनके परिवार पर कई गंभीर आरोप हैं, जबकि कर्पूरी ठाकुर का जीवन बेदाग रहा। उनकी तुलना तो जवाहरलाल नेहरू से भी नहीं की जा सकती। राहुल गांधी का यह बयान न केवल कर्पूरी ठाकुर का अपमान है, बल्कि यह बिहार की जनता और देश के उन लोगों के लिए भी अपमानजनक है, जो कर्पूरी ठाकुर को आदर्श मानते हैं। राहुल गांधी को इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यह आवश्यक है कि सभी दल संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखें।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भीम सिंह ने किस पर आरोप लगाया?
भीम सिंह ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर निर्वाचन आयोग के खिलाफ गैर-संवैधानिक बयानबाजी का आरोप लगाया।
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का आरोप क्या था?
'वोट चोरी' का आरोप लगाना।
कर्पूरी ठाकुर का क्या महत्व है?
कर्पूरी ठाकुर को बिहार का सच्चा जननायक माना जाता है।
भीम सिंह ने क्या कहा?
उन्होंने आरोप को निंदनीय और गलत बताया।
क्या राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए?
भीम सिंह के अनुसार, राहुल गांधी को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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