क्या भोपाल में 20 दिसंबर को सीएम मोहन यादव और अन्य राज्यों के मंत्री शहरी विकास पर चर्चा करेंगे?
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 20 दिसंबर को उत्तरी और मध्य राज्यों के शहरी विकास मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच शहरी विकास योजनाओं पर संवाद स्थापित किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा यह क्षेत्रीय बैठक आयोजित की जा रही है, जो कुशाभाऊ ठाकरे कंवेंशन सेंटर में होगी।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रमुख शहरी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग और समन्वय को सुदृढ़ करना है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि यह बैठक राज्यों को योजना-वार प्रगति प्रस्तुत करने, क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं को साझा करने, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान और मंत्रालय से नीतिगत एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।
इस बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल होंगे। इसके अलावा, छत्तीसगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री तथा राज्यमंत्री भी बैठक में भाग लेंगे। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण स्वच्छ सर्वेक्षण वर्ष 2025-26 के लिए कार्य-दिशा पुस्तिका का विमोचन होगा।
बैठक में कुल पाँच सत्र होंगे, जिनमें शहरी विकास से संबंधित प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इन सत्रों के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। अमृत योजना के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता पर भी विचार किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत डंप स्थलों के वैज्ञानिक प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निपटान तथा स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत निर्माणाधीन एवं स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।
शहरी परिवहन व्यवस्था के अंतर्गत नगर बस सेवाओं, भूमिगत रेल प्रणाली तथा पैदल मार्गों से संबंधित आवागमन व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। यातायात को सुगम, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए आगामी रणनीति पर चर्चा होगी।