क्या बिहार की जनता ने जंगलराज-2 को रिजेक्ट कर दिया? चुनाव परिणाम से पहले बोले मंत्री अशोक चौधरी

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क्या बिहार की जनता ने जंगलराज-2 को रिजेक्ट कर दिया? चुनाव परिणाम से पहले बोले मंत्री अशोक चौधरी

सारांश

बिहार में वोटों की गिनती जारी है, और एनडीए के उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। जदयू नेता अशोक चौधरी ने महागठबंधन पर तीखे हमले किए हैं, दावा किया कि बिहार की जनता ने जंगलराज-2 को खारिज कर दिया है। जानिए इस चुनाव में क्या चल रहा है।

मुख्य बातें

बिहार की जनता ने जंगलराज-2 को खारिज किया।
नीतीश कुमार के विकास कार्यों पर लोगों ने भरोसा जताया।
महिलाओं की बड़ी संख्या ने मतदान किया।
एनडीए सरकार की वापसी की संभावना है।
चुनाव परिणामों का राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव होगा।

पटना, 14 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में मतदान की गिनती चल रही है। कई विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए के उम्मीदवारों ने अग्रता बना रखी है। इन रुझानों को परिणाम में बदलने से पहले, जदयू नेता अशोक चौधरी ने महागठबंधन पर निशाना साधा है।

अशोक चौधरी ने कहा कि महागठबंधन झूठे दावों और हिंसा के लिए प्रसिद्ध है। उनके नेताओं के भड़काऊ बयान लोगों को गुमराह कर रहे हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि बिहार की जनता ने जंगलराज-2 को ठुकरा दिया है, और नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार की वापसी हो रही है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने राजद नेता सुनील कुमार के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें कहा गया था कि यदि इस बार मतगणना में गड़बड़ी हुई, तो सड़कों पर नेपाल जैसा नजारा दिखेगा।

उनके इस बयान पर अशोक चौधरी ने कहा कि हार के संकेत देखते हुए महागठबंधन के लोग किस हद तक गिर गए हैं। सभी को पता है कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के विकास कार्यों पर भरोसा जताते हुए वोट दिया है।

मतदान केंद्रों पर लंबी कतारों में महिलाएं नीतीश कुमार को वोट देने आई हैं। आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में मतदान हुआ है। इसीलिए किसी को भी संदेह नहीं होना चाहिए कि सरकार कौन बना रहा है। बिहार में एक बार फिर अगले पांच साल के लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बन रही है।

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के नेता अनिल कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। हमारी ताकत से एनडीए गठबंधन पूरे बिहार में जीत हासिल करेगा। हमारी पार्टी ने छह सीटों पर चुनाव लड़ा था और सभी पर हम जीतेंगे। जीत का अंतर भी बढ़ सकता है।

महागठबंधन और एनडीए दोनों ही दावा कर रहे हैं कि प्रदेश में अगली सरकार उनकी बनेगी। चुनाव आयोग के अनुसार, वोटों की गिनती शुरू हो गई है। अब बस कुछ ही देर का इंतजार है, जब यह स्पष्ट हो जाएगा कि सत्ता के पायदान तक कौन पहुंचेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों पक्ष अपने-अपने दावों को पेश कर रहे हैं। जदयू और एनडीए की स्थिति मजबूत दिख रही है, जबकि महागठबंधन के नेता अपनी हार की आशंका को छुपाने का प्रयास कर रहे हैं। बिहार की जनता के वोटिंग पैटर्न से स्पष्ट है कि विकास पर आधारित सरकार की मांग है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार के चुनाव परिणामों का क्या महत्व है?
बिहार के चुनाव परिणाम न केवल राज्य के विकास को प्रभावित करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डालेंगे।
महागठबंधन और एनडीए के बीच क्या अंतर है?
महागठबंधन मुख्यतः विभिन्न दलों का एक समूह है जो एक साथ चुनाव लड़ते हैं, जबकि एनडीए एक स्थिर गठबंधन है जिसमें भाजपा का प्रमुख स्थान है।
अशोक चौधरी के बयान का क्या प्रभाव पड़ेगा?
अशोक चौधरी के बयान महागठबंधन के लिए चुनौती बन सकते हैं, क्योंकि ये मतदाताओं के मनोबल को प्रभावित कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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