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क्या बिहार चुनाव में एनडीए की जीत प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जनता के विश्वास का नतीजा है? - तरुण चुघ

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क्या बिहार चुनाव में एनडीए की जीत प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जनता के विश्वास का नतीजा है? - तरुण चुघ

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने स्पष्ट किया है कि जनता अब विकास पर आधारित राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। भाजपा के तरुण चुघ ने इस जीत को प्रधानमंत्री मोदी पर जनता के अटूट विश्वास का परिणाम बताया है। क्या यह बदलाव आने वाले समय में और भी बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है?

मुख्य बातें

एनडीए की जीत प्रधानमंत्री मोदी पर जनता के विश्वास का परिणाम है।
विकास की राजनीति अब प्राथमिकता है।
महिला और युवा मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
केंद्र सरकार का आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख जारी है।
पश्चिम बंगाल में भी बदलाव की संभावना है।

नई दिल्ली, 15 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत को प्रधानमंत्री मोदी पर जनता के अटूट विश्वास का नतीजा बताया।

उन्होंने शनिवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार की जनता ने चुनावी नतीजों के रूप में यह स्पष्ट कर दिया कि अब किसी भी हाल में जंगलराज को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अब इस देश में राजनीति केवल विकास पर आधारित होगी। जो भी राजनीतिक दल विकास से किसी भी प्रकार का समझौता करेगा, उसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। हमारे लिए विकास मायने रखता है

भाजपा नेता ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने एमवाई की नई परिभाषा भी गढ़ने का कार्य किया। पहले एमवाई का मतलब केवल मुस्लिम यादव होता था, लेकिन आज की तारीख में इसका मतलब ‘महिला और युवा’ है। अब देश-प्रदेश की जनता उसी राजनीतिक दल को जगह देने वाली है, जो महिलाओं और युवाओं की बात करेगा। इन दोनों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

तरुण चुघ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें किसी भी सूरत में लोकतंत्र और संविधान जैसे विषयों पर कोई भी बातें कहने का नैतिक हक नहीं है, क्योंकि ये वही राहुल गांधी हैं, जिन्होंने पाकिस्तानी घुसपैठियों के समर्थन में यात्राएं निकाली हैं। बिहार की जनता ने इन्हें इनके कारनामों की सजा दी है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल के संदर्भ में कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में वहां के लोग नक्सलवाद और माओवादी गतिविधियों के खिलाफ मतदान करेंगे। अब सीएम ममता बनर्जी को यह समझना होगा कि वहां की जनता ने अब उन्हें सत्ता से बेदखल करने का संकल्प ले लिया है, जिसे वो हर कीमत पर पूरा करके रहेंगे। अब ममता बनर्जी को यह बात समझनी होगी कि वहां की जनता ने सुशासन पर चलने वाली सरकार को सत्ता में लाने का पूरा इरादा बना लिया है। अब पश्चिम बंगाल की जनता एक ऐसी सरकार चाहती है, जो जनता के हितों को प्राथमिकता दे और उनके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करे, क्योंकि यह बात खारिज नहीं की जा सकती कि मौजूदा समय में पश्चिम बंगाल में जनता ममता बनर्जी के शासनकाल में त्रस्त हो चुकी है। ऐसी स्थिति में वहां की जनता ने अब बदलाव का पूरा मन बना लिया है।

इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि केंद्र सरकार का आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख बरकरार है। इस देश में अब किसी भी प्रकार की आतंकी घटना को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आतंकी घटना में संलिप्त आतंकवादी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आतंकवाद के खिलाफ केंद्र की मोदी सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कार्य कर रही है और इस नीति के साथ अब किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के राजनीतिक परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण संकेत देता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनडीए की जीत का क्या कारण है?
एनडीए की जीत का मुख्य कारण प्रधानमंत्री मोदी पर जनता का विश्वास और विकास की राजनीति का समर्थन है।
क्या बिहार चुनाव से अन्य राज्यों पर असर पड़ेगा?
हाँ, बिहार चुनाव के नतीजे अन्य राज्यों में भी राजनीतिक बदलाव का संकेत दे सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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