क्या बिहार चुनाव में भी विपक्ष होगा बेहाल? : संजय निषाद

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क्या बिहार चुनाव में भी विपक्ष होगा बेहाल? : संजय निषाद

सारांश

संजय निषाद ने बिहार चुनाव में विपक्ष की स्थिति को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने विपक्ष की एकता पर संदेह जताया और जनता से आगामी चुनाव में सही निर्णय लेने की अपील की। क्या बिहार में भी विपक्ष का हाल दूसरे राज्यों जैसा होगा?

मुख्य बातें

सीपी राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति पद पर शपथ लेना महत्वपूर्ण है।
बिहार चुनाव में विपक्ष की एकता पर सवाल उठाए गए हैं।
संजय निषाद ने सोशल मीडिया की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की।
विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
राजनीतिक निम्न-स्तरीय कृत्यों का विरोध आवश्यक है।

लखनऊ, १२ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति पद के लिए चुने गए सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को भारत के १५वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें शपथ दिलाई

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को बधाई दी।

इस अवसर पर उन्होंने बिहार चुनाव को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा निशाना साधा।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "विपक्ष के लोग एक साथ तो नजर आते हैं, लेकिन उनके दिल में एकता नहीं है। जिस तरह से अन्य राज्यों में विपक्ष का हाल हुआ है, वही बिहार में भी होगा।"

कांग्रेस के एआई वीडियो की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे निम्न-स्तरीय राजनीतिक कृत्यों को रोकना चाहिए। जनता सब कुछ जानती है, और जल्द ही चुनाव में उन्हें इसका जवाब मिलेगा।

उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री को पत्र लिखने जा रहा हूँ। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी सजग बनाना आवश्यक है। जब तक अमेरिका के हाथ में सोशल मीडिया रहेगा, तब तक ऐसे कार्य होते रहेंगे।"

बेंगलुरु के शिवाजी नगर मेट्रो स्टेशन का नाम सेंट मैरी रखने के विषय में प्रतिक्रिया देते हुए, मंत्री संजय निषाद ने कहा, "भारत की अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है, और विदेशियों के नाम पर किसी चीज का नाम रखना अस्वीकार्य है। इस तरह के कृत्यों का देशव्यापी विरोध होगा।"

अमेरिका में भारतीय मूल के एक मोटल मैनेजर की हत्या पर, मंत्री संजय निषाद ने कहा, "विदेशों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा संबंधित कानूनों के तहत तय होती है, अमेरिका को इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।"

शिवसेना यूबीटी ने मुखपत्र सामना के जरिए उपराष्ट्रपति चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग का जिक्र किया। इस पर उन्होंने कहा कि जीत तो जीत होती है, हम पहले से ही कह चुके थे कि जीत हमारी होगी, और अब इस पर कोई टिप्पणी उचित नहीं होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

संजय निषाद ने बिहार चुनाव की स्थिति पर चिंता जताई है। उनके विचारों से यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष की एकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह एक गंभीर परिस्थिति है, जहां जनता को सही निर्णय लेने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार चुनाव में विपक्ष की स्थिति क्या है?
संजय निषाद के अनुसार, विपक्ष की एकता पर सवाल उठते हैं, और यही स्थिति बिहार में भी देखने को मिल सकती है।
सीपी राधाकृष्णन ने कब शपथ ली?
सीपी राधाकृष्णन ने 12 सितंबर को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
राष्ट्र प्रेस