बिहार में कानून व्यवस्था पर विपक्ष का तीखा हमला, नीतीश सरकार पर उठे सवाल
सारांश
Key Takeaways
- कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर है।
- राजद और अन्य विपक्षी दलों ने नीतीश सरकार पर हमला किया।
- राष्ट्रपति शासन की मांग की जा रही है।
- शराब मुद्दे पर सरकार से नियंत्रण की अपील।
- कांग्रेस और भाजपा को एक जैसा बताया गया।
पटना, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों ने सोमवार को राज्य की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला किया। राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार में कोई भी कानून व्यवस्था मौजूद नहीं है। हम सभी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पटना में राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि लोग भगवान के भरोसे जीवन यापन कर रहे हैं। क्या पता, जब आप सड़क पर निकलें या विधानसभा में ही कोई कट्टा लेकर आ जाए और जान ले ले। हम भी खुद को असुरक्षित पाते हैं। यह सरकार किसी की जान की सुरक्षा नहीं कर सकती। अपराधियों को सरकार का संरक्षण मिला हुआ है। पुलिस में ऐसे कुछ अधिकारी हैं जो जातिगत अपराधियों को बचाने में लगे हैं।
राजद विधायक रणविजय साहू ने बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि हालात बेहद खराब हैं। लोग गाय, भैंस और बकरी की तरह मारे जा रहे हैं। बिहार में लोग बेज़ुबान बनकर रह रहे हैं, कोई भी सुरक्षित नहीं है। हम राष्ट्रपति शासन की मांग करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हमने शराब मुद्दे पर सदन में प्रस्ताव लाया है और आसन से आग्रह करेंगे कि जहरीली शराब के नाम पर बिहार में जो लूट मची है, उस पर सरकार को अंकुश लगाना चाहिए और इस पर चर्चा भी करनी चाहिए।
कांग्रेस के विधायक अभिषेक रंजन ने 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों को सलाम करते हैं। हम हमेशा अपने सुरक्षा बलों के जज्बे का सम्मान करते हैं। इस देश को सुरक्षित रखना उनकी जिम्मेदारी है।
एआईएमआईएम विधायक तौसीफ आलम ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मैं इस पर सवाल नहीं उठाऊंगा, लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि कमियां हैं। चाहे वह जिला स्तर पर हो, या थाना स्तर पर, हर जगह कमियां हैं।
तौसीफ आलम ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, क्योंकि मैंने कांग्रेस में रहकर देखा है कि कांग्रेस केवल मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में समझती है।