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क्या विपक्ष ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं? जदयू का क्या कहना है?

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क्या विपक्ष ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं? जदयू का क्या कहना है?

सारांश

बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जदयू प्रवक्ता ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं देश में कहीं भी हो सकती हैं। जानिए इस मामले में और क्या कहा गया है।

मुख्य बातें

राजद और कांग्रेस ने बिहार की कानून व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जदयू ने कहा है कि ऐसी घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं।
बिहार पुलिस ने कई मामलों में प्रभावी कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सभी मामलों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
मतदाता जागरूकता के लिए साइकिल रैली आयोजित की गई है।

पटना, 8 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। राजद और कांग्रेस समेत कई दलों ने बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष के इन आरोपों का जवाब जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने दिया है। सरकार का बचाव करते हुए कहा है कि ऐसी घटनाएं देश में कहीं भी हो सकती हैं।

बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, "घटनाएं देश में कहीं भी हो सकती हैं, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि पुलिस उसके बाद कितनी जिम्मेदारी से काम करती है और बिहार पुलिस इसका जीता जागता उदाहरण है। हर घटना के जिम्मेदार लोग जेल की सलाखों के पीछे हैं। घटनाएं केवल साख और विश्वसनीयता का सवाल नहीं है बल्कि ये हमारी जिम्मेदारी है कि सभी पक्षों को सकारात्मक सहयोग करना चाहिए। मगर, सनसनी पैदा करने वाले बयानों के अलावा कांग्रेस ने 1990 से 2005 के बीच बिहार में जो कानून-व्यवस्था थी, उस पर कभी भी चर्चा नहीं की है। देश के दूसरे राज्यों में जहां कांग्रेस या उनके साथियों की सरकारें हैं, वहां की कानून-व्यवस्था को लेकर उनकी जुबानों पर ताले जड़ जाते हैं। बिहार की जनता जानती है कि हर मामले की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करते हैं।

वोटर लिस्ट के मुद्दे पर राजीव रंजन ने कहा, "तेजस्वी यादव या तो खुद कंफ्यूज हैं या वो मतदाताओं को कंफ्यूज करने की कोशिश कर रहे हैं। मतदाता उनके झांसे में नहीं आ रहा है। अब तक 36 फीसदी से ज्यादा आधिकारिक आंकड़े सामने आए हैं। बीएलओ के जरिए मतदाताओं ने फॉर्म भरकर निर्वाचन आयोग को भेजे हैं। अभी पूरा अभियान जोरशोर से चलाया जा रहा है। जब आयोग 2003 में हाईटेक नहीं था, उस दौरान 31 दिनों में गहन पुन निरीक्षण का कार्यक्रम संपन्न हुआ था। आज 98,498 मतदान केंद्रों के लिए बीएलओ नियुक्त किए गए हैं। अनेक कर्मचारी को सहयोग करने के लिए कहा गया है। साथ ही राजनीतिक दलों ने 2 लाख से आसपास बीएलओ की सूची सौंपी है। राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय संगठन भी काम में सहयोग कर रहे हैं। हमारी पार्टी ने भी मतदाता जागरूकता के लिए साइकिल रैली हर पंचायत में आयोजित की है। कोई भी मतदाता नहीं छूटेगा।

गोपाल खेमका मर्डर केस पर जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे आज शाम में हो सकते हैं। विपक्ष के पास बगले झांकने के अलावा कुछ नहीं बचेगा। बिहार में 90 से 2005 तक सत्ता संरक्षित और सत्ता पोषित अपराध होते थे, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में सुनियोजित मशीनरी का विकास हुआ है, जिसने अनुसंधान की गुणवत्ता को साबित किया है। बिहार पुलिस पूरी तरह से हाईटेक हो चुकी है और घटनाएं कहीं भी और कभी भी हो सकती हैं। बिहार अपवाद नहीं है और ताजा मामले में भी पांच लोग हिरासत में लिए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने एक अपराधी को ढेर किया है।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पटना दौरे को लेकर राजीव रंजन ने कहा, "जब तक वह पटना आएंगे, मुझे लगता है कि लगभग आधे मतदाताओं का फॉर्म इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया के पास जमा हो गया होगा। इस तरह के हर सवाल पर कोहरा मचाना कांग्रेस का वो दौर देश ने देखा है, जब निर्वाचन आयुक्त कार्यकारी आदेशों के जरिए नियुक्त होते थे। अब देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कानून बनाया है और उसके तहत ईसीआई के मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों की नियुक्तियां होती हैं।

राजीव रंजन ने पूर्णिया में पांच महिलाओं को जिंदा जलाए जाने की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा, "ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। पुलिस की जिम्मेदारी को हमारी सरकार पूरा करेगी और इसके पीछे जो भी अपराधी होंगे, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिहार की जनता को यह जानने का हक है कि उनके सुरक्षा तंत्र की स्थिति क्या है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति क्या है?
बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की राय अलग-अलग है। जदयू का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई प्रभावी है।
क्या बिहार की घटनाएं देश के अन्य हिस्सों में भी होती हैं?
जदयू का कहना है कि घटनाएं देश में कहीं भी हो सकती हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती पेश करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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