क्या बिहार में बनेगी भगवाधारी सरकार, सनातन और हिंदुत्व अटल हैं?

सारांश
Key Takeaways
- राजा सिंह का बयान बिहार में राजनीतिक बदलाव का संकेत है।
- भाजपा का समर्थन बढ़ रहा है।
- कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति पर सवाल उठाए गए हैं।
- सनातन धर्म और हिंदुत्व की रक्षा के लिए आवाज उठाई गई है।
- बिहार की जनता जागरूक हो चुकी है।
मुंबई, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के गोशामहल से विधायक टी राजा सिंह ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि बिहार में जल्द ही "भगवाधारी सरकार" का गठन होगा, जिसे कोई भी शक्ति रोकने में असफल रहेगी।
राजा सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस हमेशा "वोट चोरी" जैसे अनैतिक कार्यों में संलग्न रहती है, जबकि भाजपा ईमानदारी से राजनीति करती है।
टी राजा सिंह ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं भाजपा के सदस्य नहीं हैं, लेकिन वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के प्रबल समर्थक हैं। उन्होंने कहा, "मैं भाजपा में नहीं हूं, लेकिन मैं नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी का समर्थन करता हूं, क्योंकि यह पार्टी देश और धर्म के लिए ईमानदारी से काम करती है।"
उन्होंने भाजपा की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पार्टी सत्ता के लिए नहीं, बल्कि देश और संस्कृति के उत्थान के लिए काम करती है।
राजा सिंह ने कहा कि कुछ लोग केवल राजनीति और मीडिया में अपनी छवि को चमकाने के लिए सनातन धर्म पर सवाल उठाते हैं, लेकिन सनातन और हिंदुत्व को मिटाने की किसी में हिम्मत नहीं है। करोड़ों हिंदुओं की आस्था और विश्वास सनातन धर्म की रीढ़ है। सनातन और हिंदुत्व को कोई नष्ट नहीं कर सकता। यह अमर है और हमेशा रहेगा। बिहार की जनता अब जागरूक हो चुकी है और वह ऐसी सरकार चाहती है जो उनकी आस्था और संस्कृति का सम्मान करे।
राजा सिंह ने दावा किया कि बिहार में "भगवा" सोच वालों की जीत सुनिश्चित है, क्योंकि लोग अब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की "वोट बैंक की राजनीति" से तंग आ चुके हैं।