क्या बिहार में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ विकास आयुक्त बन गए?

सारांश
Key Takeaways
- एस. सिद्धार्थ का स्थानांतरण विकास आयुक्त के पद पर हुआ।
- उन्होंने शिक्षा विभाग में कई सुधार किए हैं।
- सामान्य प्रशासन विभाग ने नई व्यवस्थाएं लागू की हैं।
- उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से स्कूलों की निगरानी की।
- सादगी और मेहनत से उनकी पहचान बनी है।
पटना, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार ने शनिवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई एएस) के अधिकारी और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ का स्थानांतरण विकास आयुक्त के पद पर कर दिया। इसकी अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग से भी जारी की गई है।
अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और अतिरिक्त प्रभार अपर मुख्य सचिव, मंत्रालय सचिवालय विभाग, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग एस. सिद्धार्थ को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक विकास आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है।
इसके अतिरिक्त, अधिकारी हरजोत कौर को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के अपर मुख्य सचिव पद से स्थानांतरित कर राजस्व परिषद का अध्यक्ष सह सदस्य बनाया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र को अगले आदेश तक शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बताया गया है कि यह व्यवस्था एक सितंबर से लागू होगी।
इसी क्रम में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष सह वित्त विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन का अपर मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग (अतिरिक्त प्रभार अपर मुख्य सचिव, निगरानी विभाग, परीक्षा नियंत्रक, बिहार राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद, जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन) अरविंद कुमार चौधरी को मंत्रिमंडल सचिवालय का अपर मुख्य सचिव के अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
एस. सिद्धार्थ की पहचान एक सादगी पसंद अधिकारी के रूप में रही है। वह आम नागरिक की तरह कभी ट्रेन से यात्रा करते हैं तो कभी खुद सब्जी खरीदने निकल जाते हैं।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव रहते हुए डॉ. एस. सिद्धार्थ वीडियो कॉल के माध्यम से स्कूलों की निगरानी करते थे। इस दौरान स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं, पढ़ाई की व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थिति का जायजा लेते थे।