1 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मोतिहारी में CM सम्राट चौधरी की बड़ी घोषणाएं: बंद चीनी मिल फिर खुलेगी, ₹285 करोड़ की 145 योजनाओं का शिलान्यास

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मोतिहारी में CM सम्राट चौधरी की बड़ी घोषणाएं: बंद चीनी मिल फिर खुलेगी, ₹285 करोड़ की 145 योजनाओं का शिलान्यास

सारांश

मोतिहारी के गांधी मैदान में बापूधाम महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ₹285 करोड़ की 145 योजनाओं का शिलान्यास किया। बंद चीनी मिल को फिर खोलने और बड़ी मदर डेयरी स्थापित करने की घोषणा ने पूर्वी चंपारण के किसानों और युवाओं में उम्मीद जगाई है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1 सितंबर 2026 को मोतिहारी में ₹285 करोड़ की 145 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया।
बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः चालू करने और मौजूदा से बड़ी मदर डेयरी स्थापित करने की घोषणा।
पीएचडी छात्राओं को चार वर्षों तक प्रतिमाह ₹10,000 की छात्रवृत्ति देने का निर्णय; राज्य में 700 मॉडल विद्यालय सक्रिय।
बरियारपुर में मेडिकल कॉलेज, मोतिहारी में तारामंडल और इंडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा।
सिंचित भूमि 2005 के 21 लाख हेक्टेयर से बढ़कर अब 44 लाख हेक्टेयर होने का दावा।
सरकार का लक्ष्य 2030 से पहले युवाओं के लिए उद्योग-आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित करना।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1 सितंबर 2026 को मोतिहारी के गांधी मैदान में आयोजित बापूधाम महोत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया और पूर्वी चंपारण जिले के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें सबसे उल्लेखनीय है — बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः चालू करने और मौजूदा मदर डेयरी से बड़ी इकाई स्थापित करने की पहल। इस अवसर पर उन्होंने ₹285 करोड़ की लागत वाली 145 विकासात्मक योजनाओं का शिलापट्ट के माध्यम से अनावरण, उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया।

बापूधाम महोत्सव और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

3 सितंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा सांसद राधामोहन सिंह ने भी संबोधन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने चंपारण के किसानों को नील की खेती और अंग्रेजों के अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया था। उनके अनुसार, बापूधाम महोत्सव उसी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

मुख्य घोषणाएं: उद्योग, शिक्षा और बुनियादी ढांचा

मुख्यमंत्री ने मोतिहारी के विकास के लिए कई क्षेत्रों में घोषणाएं कीं। बरियारपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण होगा और मोतिहारी में तारामंडल शीघ्र बनाया जाएगा। केंद्रीय विद्यालय को पीपराकोठी से बरियारपुर स्थानांतरित किया जाएगा। नेहरू स्टेडियम के स्थान पर इंडोर स्टेडियम बनेगा, और अटल कला भवन की स्थापना की जाएगी।

कृषि एवं मत्स्य क्षेत्र में मत्स्य समृद्धि क्लस्टर, फिश प्रोसेसिंग प्लांट तथा तेतीयारिया प्रखंड के कोठिया में एक्वाकल्चर पार्क बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। सड़क संपर्क के तहत मोतिहारी-तुर्कौलिया-गोविंदगंज पथ पर रघुनाथपुर पुल से बालगंगा तक चौड़ीकरण, मोतिझील के किनारे सड़क निर्माण और पीपराकोठी-राजपुर चौक-कल्याणपुर पथ के चौड़ीकरण की योजनाएं भी शामिल हैं।

शिक्षा और छात्रवृत्ति: पीएचडी छात्राओं को ₹10,000 प्रतिमाह

सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब 4,600 है। छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पीएचडी छात्राओं को चार वर्षों तक प्रतिमाह ₹10,000 की छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया गया है। राज्य में 700 मॉडल विद्यालय शुरू किए गए हैं, जहाँ ऑनलाइन शिक्षकों की सुविधा के साथ JEE और NEET की तैयारी की व्यवस्था भी की जा रही है।

आवास और सिंचाई में प्रगति के दावे

मुख्यमंत्री के अनुसार, 2014 से अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बिहार में 46 लाख से अधिक लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराया गया है। सिंचाई के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति का दावा किया गया — 2005 तक करीब 21 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब बढ़कर करीब 44 लाख हेक्टेयर हो गई है।

2030 से पहले रोजगार सृजन का लक्ष्य

सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 के चुनाव से पहले बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में औद्योगिक निवेश को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि बंद पड़ी चीनी मिल की पुनर्बहाली स्थानीय गन्ना किसानों और श्रमिकों के लिए दीर्घकालीन महत्व रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूर्वी चंपारण में इस तरह की घोषणाएं पहले भी होती रही हैं — क्रियान्वयन की गति हमेशा सवालों के घेरे में रही है। ₹285 करोड़ की 145 योजनाएं यदि समयबद्ध तरीके से पूरी हों तो क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है, लेकिन बिहार में बड़े औद्योगिक वादों और जमीनी नतीजों के बीच की खाई को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 2030 के चुनाव से पहले रोजगार सृजन का लक्ष्य राजनीतिक रूप से महत्वाकांक्षी है, पर इसकी विश्वसनीयता निर्भर करेगी निवेश की वास्तविक आमद और चीनी मिल जैसी परियोजनाओं के ठोस क्रियान्वयन पर।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोतिहारी की बंद चीनी मिल को फिर से कब खोला जाएगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1 सितंबर 2026 को बंद चीनी मिल को पुनः चालू करने की दिशा में काम शुरू करने की घोषणा की है। हालांकि, इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
बापूधाम महोत्सव में ₹285 करोड़ की कितनी योजनाओं का शिलान्यास हुआ?
मुख्यमंत्री ने पूर्वी चंपारण के विकास के लिए ₹285 करोड़ की लागत वाली 145 विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का शिलापट्ट के माध्यम से अनावरण, उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इन योजनाओं में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कृषि और आधारभूत संरचना शामिल हैं।
बिहार में पीएचडी छात्राओं को कितनी छात्रवृत्ति मिलेगी?
बिहार सरकार ने पीएचडी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु चार वर्षों तक प्रतिमाह ₹10,000 की छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। राज्य में फिलहाल करीब 4,600 पीएचडी विद्यार्थी हैं।
मोतिहारी में CM सम्राट चौधरी ने और कौन-कौन सी घोषणाएं कीं?
मुख्यमंत्री ने बरियारपुर में मेडिकल कॉलेज, मोतिहारी में तारामंडल, इंडोर स्टेडियम, अटल कला भवन, मत्स्य समृद्धि क्लस्टर, फिश प्रोसेसिंग प्लांट और एक्वाकल्चर पार्क बनाने की घोषणा की। इसके अलावा कई सड़कों के चौड़ीकरण और केंद्रीय विद्यालय के स्थानांतरण की योजना भी बताई।
बापूधाम महोत्सव क्या है और यह कब तक चलेगा?
बापूधाम महोत्सव मोतिहारी के गांधी मैदान में आयोजित एक सांस्कृतिक एवं पर्यटन उत्सव है, जो महात्मा गांधी की चंपारण विरासत को सम्मानित करता है। यह 1 सितंबर से 3 सितंबर 2026 तक चलेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले