क्या बिहार विधानसभा चुनाव में 1,200 वोटर प्रति बूथ और 90 हजार मतदान केंद्र होंगे?

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क्या बिहार विधानसभा चुनाव में 1,200 वोटर प्रति बूथ और 90 हजार मतदान केंद्र होंगे?

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव में वोटिंग प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब प्रत्येक मतदान केंद्र पर 1,200 वोटर होंगे। चुनाव आयोग 90 हजार मतदान केंद्रों की तैयारी कर रहा है। जानिए चुनाव की तारीखें और सुरक्षा के उपाय।

मुख्य बातें

बिहार विधानसभा चुनाव में 243 सीटों के लिए मतदान दो चरणों में होगा।
प्रतिशत मतदान केंद्रों पर 1,200 वोटर होंगे।
चुनाव आयोग 90 हजार मतदान केंद्रों की व्यवस्था करेगा।
विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में सुधार किया जाएगा।
सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती होगी।

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए मतदान दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि मतदान 6 और 11 नवंबर को होंगे। चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिहार के मतदाताओं को आश्वस्त किया है कि चुनाव न केवल अनुकरणीय और सुचारू होंगे, बल्कि कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने के कारण बेहद शांतिपूर्ण भी रहेंगे।

मतदान अनुभव को बेहतर बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कई सुधार किए हैं। अब प्रत्येक मतदान केंद्र पर 1,500 की जगह 1,200 मतदाता मतदान करेंगे, और राज्यभर में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। चुनाव आयोग द्वारा कुल 90 हजार से अधिक मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सुरक्षा और संचालन की सहजता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।

2025 के विधानसभा चुनाव इस पूर्वी राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची के सुधार के बाद होंगे, जिसमें 7.43 करोड़ मतदाताओं की अंतिम सूची तैयार की जाएगी, जिसमें 14 लाख पहली बार मतदान करने वाले मतदाता शामिल हैं।

ज्ञानेश कुमार ने 22 वर्षों के बाद आयोजित एसआईआर की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि अंतिम मतदाता सूची सभी राजनीतिक दलों को दी गई है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सुधार के लिए अनुरोध करने की अवधि आगामी चुनावों के लिए उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने से 10 दिन पहले तक खुली रहेगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने जिला स्तर पर किसी भी प्रकार की फर्जी खबरों को रोकने के लिए चुनाव आयोग की योजनाओं की भी जानकारी दी, ताकि गलत सूचनाओं का मुकाबला किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि 243 निर्वाचन क्षेत्रों में से प्रत्येक के लिए एक अलग पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा।

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा चुनाव आयोग के प्रतिनिधिमंडल द्वारा राज्य में चुनाव तैयारियों की समीक्षा के बाद की गई है।

जानकारी के अनुसार, दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के साथ ओवरलैपिंग से बचने के लिए कार्यक्रम की सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य सुचारू मतदान और अधिकतम मतदान सुनिश्चित करना है।

2025 के चुनाव भारतीय जनता पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के सत्तारूढ़ गठबंधन तथा राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच मुकाबला होगा। इस दौड़ में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी अपनी स्थिति मजबूत की है।

पिछले 2020 के विधानसभा चुनाव में, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने 125 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था, जबकि महागठबंधन ने 110 सीटें जीती थीं। राजद 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। यह चुनाव कोविड-19 महामारी के बाद आयोजित पहला बड़ा चुनावी अभ्यास था, जिसमें 56.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों और प्रक्रिया में बदलाव महत्वपूर्ण हैं। यह सुनिश्चित करेगा कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हों। यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है जो नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों को ध्यान में रखता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें क्या हैं?
बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को होंगे, और चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
मतदान केंद्रों की संख्या कितनी होगी?
चुनाव आयोग 90 हजार से अधिक मतदान केंद्र स्थापित करेगा।
मतदाता सूची में कितने नए मतदाता शामिल हैं?
अंतिम मतदाता सूची में 14 लाख पहली बार मतदान करने वाले मतदाता शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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