क्या छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 36वें यातायात जागरूकता माह का शुभारम्भ हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- यातायात नियमों का पालन करना आवश्यक है।
- हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें।
- सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस और नागरिकों का सहयोग जरूरी है।
- जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से दुर्घटनाओं में कमी लाना संभव है।
- सुरक्षित यातायात के लिए संस्कृति विकसित करना आवश्यक है।
बीजापुर, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले की पुलिस की यातायात शाखा ने शनिवार को 36वें यातायात जागरूकता माह का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम यातायात शाखा, बीजापुर में एक गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
इस उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष घासीराम नाग, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष माया झाड़ी, नगरपालिका उपाध्यक्ष भुवन चौहान, और पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष जागर लक्ष्मैया उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अमन झा (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आईपीएस) ने किया। इस अवसर पर विनीत कुमार साहू (यातायात नोडल अधिकारी), सुदीप सरकार (उप पुलिस अधीक्षक, नक्सल ऑप्स), शरद जायसवाल (मुख्यालय डीएसपी), जिला परिवहन अधिकारी किशन लाल माहौर, केशव ठाकुर (यातायात प्रभारी) के साथ-साथ 15वीं बटालियन सशस्त्र बल के जवान, डीआरजी के जवान, पत्रकारगण, जनप्रतिनिधि, सामान्य नागरिक और यातायात शाखा के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
घासीराम नाग ने अपने संबोधन में कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल कानून का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सरल उपाय अनमोल जीवन की रक्षा करते हैं।
आईपीएस अमन झा ने अपने संदेश में कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस और नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। जागरूकता ही दुर्घटनाओं में कमी लाने का सबसे प्रभावी उपाय है।
वहीं, यातायात नोडल अधिकारी विनीत कुमार साहू ने बताया कि यातायात जागरूकता माह के दौरान जिलेभर में रैली, शिविर, विद्यालयीन कार्यक्रम और जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी ताकि सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित हो सके।
उद्घाटन के पश्चात नगर में हेलमेट पहनकर बाइक रैली का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट उपयोग, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया।
इस रैली के माध्यम से आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, दुर्घटनाओं में कमी लाना और “सुरक्षित यातायात, सुरक्षित जीवन” का संदेश जन-जन तक पहुंचाना रहा।