क्या भाजपा अध्यक्ष के नामांकन पर कांग्रेस प्रवक्ता ने उठाए सवाल?
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा के नामांकन की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी पर सवाल उठाया गया है।
- कांग्रेस ने इसे औपचारिकता करार दिया है।
- भाजपा को अपनी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को साबित करना होगा।
लखनऊ, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नितिन नबीन सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन प्रस्तुत करने जा रहे हैं। इस राजनीतिक घटनाक्रम पर कांग्रेस ने आलोचना की है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इस चुनावी प्रक्रिया को 'महज औपचारिकता' बताया है।
सुरेंद्र राजपूत ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा कि पार्टी के अंदर कोई वास्तविक मुकाबला या लोकतांत्रिक प्रक्रिया देखने को नहीं मिलती। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा ने अब तक एक भी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष क्यों नहीं बनाया।
ज्ञात रहे कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए इच्छुक उम्मीदवार सोमवार को दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन की समय सीमा समाप्त होने के बाद शाम 4 बजे से 5 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों को अपने नामांकन वापस लेने का अवसर दिया जाएगा, जिसके लिए शाम 5 से 6 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
सोमवार को ही शाम 6:30 बजे पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी की ओर से एक प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा, जिसमें नामांकन प्रक्रिया और आगे की स्थिति के बारे में जानकारी साझा की जाएगी।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरेंद्र राजपूत ने कटाक्ष किया।
उन्होंने कहा, "जहां-जहां चुनाव होते हैं, वहां घुसपैठिए दिखाई देने लगते हैं। हो सकता है ये घुसपैठिए भाजपा के ही रिश्तेदार हों।"
इसके अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर भी कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि भारत का पड़ोसी देश सदैव लापरवाह रहा है, लेकिन इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान से दो बार मजबूती से मुकाबला किया था।
सुरेंद्र राजपूत ने इशारों में कहा कि देश की सुरक्षा और सैन्य ताकत का इतिहास कांग्रेस के कार्यकाल में भी मजबूत रहा है।
राजपूत के इन बयानों के बाद लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया में जुटी है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे लेकर सवाल खड़े कर रही है।