कश्मीर घाटी में प्रदर्शन समाप्त, प्रमुख चौराहों पर यातायात नियंत्रण का आदेश
सारांश
Key Takeaways
- प्रदर्शन समाप्त होने के बाद स्थिति में सुधार हुआ है।
- पुलिस बल ने सुरक्षा के लिए सड़कों पर तैनाती की है।
- यातायात नियंत्रण के निर्देश जारी किए गए हैं।
- सार्वजनिक जीवन और संपत्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
- मुख्यमंत्री ने नागरिक समाज से संवाद करने की अपील की है।
श्रीनगर, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद शुरू हुए प्रदर्शन अब समाप्त हो गए हैं, जिसके चलते कश्मीर घाटी के सभी क्षेत्रों में सोमवार को स्थिति सामान्य नजर आ रही है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, पुलिस बल को सड़कों पर तैनात किया गया है।
शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी ने पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि स्कूल और अन्य कार्यों से जुड़े आवागमन के चलते सड़कों पर भारी जाम न लगे। यातायात पुलिस की टीमें पहले से ही तैनात हैं और लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
उन्होंने जनता से सहयोग की अपील करते हुए माता-पिता और चालकों से आग्रह किया कि वे छात्रों को स्कूल छोड़ने या लेने के समय यातायात नियमों का पालन करें और अपने वाहनों को सही तरीके से पार्क करें। जम्मू-कश्मीर की शांति के लिए पुलिस का सहयोग करें।
उन्होंने आगे कहा, "गलत पार्किंग के कारण अक्सर ट्रैफिक जाम हो जाता है। लोगों को अपने वाहनों को निर्धारित स्थानों पर ही पार्क करना चाहिए, ताकि यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। यदि किसी को कोई परेशानी होती है, तो वह पुलिस से संपर्क कर सकता है।"
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में खामेनेई की मौत के बाद हजारों आक्रोशित शिया मुसलमानों ने सुन्नी मुस्लिम प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर इस्लाम समर्थक और अमेरिका-इजरायल विरोधी नारे लगाए।
कुछ स्थानों पर आक्रोशित प्रदर्शनकारियों और पुलिस एवं सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद अधिकारियों ने घाटी में प्रतिबंध लगा दिए।
कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के दौरान पुलिस और तैनात सुरक्षा बलों ने यह सुनिश्चित करने के लिए अत्यधिक संयम बरता कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए सार्वजनिक जीवन और संपत्ति को कोई क्षति न हो।
डीजीपी के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और तैनात बलों को स्थिति को दृढ़ता और सूझबूझ से संभालने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी श्रीनगर में धार्मिक, सामाजिक और व्यावसायिक समुदायों से जुड़े नागरिक समाज के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने अपील की कि नागरिक समाज के सदस्य अपने प्रभाव का उपयोग करें ताकि लोगों के दुख को जिम्मेदारीपूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से व्यक्त किया जा सके।